Monday, 28 December 2015

हरी दूब Green Grass



हरी दूब की कोमल पत्तियों को कई सारे रोगों के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है। इसकी ताजी पत्तियों को साबुत खाने के अलावा इसका जूस बनाया जाता है। कड़वे स्वाद वाली ये दूब उल्टी, कफ, कब्ज, प्रेग्नेंसी संबंधी समस्याओं को दूर करती है। एंटीसेप्टिक गुणों वाली दूब घाव भरने में भी कारगर है।
नकसीर का इलाज
गर्मियों में नाक से खून निकलने की समस्या से ज्यादातर लोग परेशान रहते हैं इसे बंद करने में हरी ताजी दूब बेहतरीन होती है। इसे जमीन से निकालकर पानी से धो लें। फिर पीसकर उसका रस निकाल लें। इस रस की 2-2 बूंदें नाक के दोनों छेदों में डालने से नकसीर बंद हो जाती है।

गठिया का इलाज
बढ़ती उम्र में कमजोर हड्डियों वाले शरीर में गठिया रोग होना आम समस्या है। हरी दूब को लेकर इसके पत्तों का रस बनाएं और इस तेल से दर्द वाली जगह पर मालिश करें। जल्द राहत मिलती है।

खुजली का इलाज
गर्मियों में पसीने के चलते और सर्दियों में ड्रॉयनेस की वजह से बॉडी में खुजली होना आम बात है। 2 चम्मच दूब के रस को तिल के 100 ग्राम तेल में मिलाकर खुजली वाले स्थान पर लगाने से खुजली दूर होती है।
मिर्गी का इलाज
10 ग्राम हरी दूब के रस का इस्तेमाल सुबह-शाम करने से मिर्गी रोग में लाभ होता है। स्वादा के लिए इसमें थोड़ी सी शहद की मात्रा मिलाई जा सकती है।

घाव का इलाज
घाव के इलाज में भी दूब बहुत ही असरदार इलाज है। दूब को पीसकर पके हुए फोड़े पर लगाने से फोड़ा आसानी से बिना दर्द के फूट जाता है।

झाइयों का इलाज
बढ़ती उम्र के साथ ही चेहरे पर नजर आने वाली झाइयों को दूर करने के लिए तमाम तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स को इस्तेमाल करने से पहले एक बार हरी दूब को आजमा लें। 40 ग्राम हरी दूब की जड़ का काढ़ा सुबह-शाम पीने से चेहरे की झाइयां आसानी से मिटती हैं।

स्किन प्रॉब्लम्स का इलाज
हरी दूब को हल्दी केसाथ मिलाकर पीस लें और इसका घोल बनाकर लगाने से खाज-खुजली, दाद और स्किन प्रॉब्लम्स में लाभ मिलता है।

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