दुनिया के सबसे
लोकप्रिय पेय चाय का इतिहास भारत में सन् 1815 से शुरू हुआ। इस दौरान कुछ अंग्रेज यात्रियों का ध्यान असम
में उगने वाली चाय की झाड़ियों पर गया, जिससे स्थानीय कबाइली लोग एक पेय बनाकर पीते थे। भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड
बैंटिक ने 1834 में चाय की परंपरा
शुरू करने और उसका उत्पादन करने की संभावना तलाश करने के लिए एक समिति का गठन
किया। इसके बाद 1835 में असम में चाय
के बाग लगाए गए। अधिकांश लोग इसे सिर्फ स्फूर्तिदायक मानते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है इसके और भी कई उपयोग हैं।
आइए जानते हैं, चाय के ऐसे ही
कुछ उपयोगों के बारे में......
1. जले का निशान
मिटाने के लिए
जलने पर चाय एक
औषधि की तरह काम करती है। यदि आप जल जाएं तो टी-बैग को भिगोकर उसका पानी जले हुए
स्थान पर डालें। जले हुए का निशान नहीं रहेगा। यदि ज्यादा जल गए हों तो एक बाथ टब
में टी बैग डालकर पानी में लेट जाएं। जले के निशान नहीं रहेंगे।
2. पेट की जलन दूर
करती है
1 कप ग्रीन टी में 2
चम्मच पुदीना मिक्स करके पीजिए, पेट की जलन दूर हो जाएगी।
3. पीरियड में होने
वाले दर्द में रामबाण हैं
पीरियड के समय
पेट में ऐंठन होती है तो उसे ठीक करने के लिए ग्रीन टी पीजिए, क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं,
जो कि कोलोन को साफ करते है।
4. गैस की समस्या से
मिलता है छुटकारा
ग्रीन टी में अगर
पिपरमिंट मिला कर पिया जाए तो गैस नहीं बनती।
5. थकान दूर करने के
लिए
आंखों की थकान व
सूजन दूर करने के लिए दो टी बैग्स को गुनगुने पानी में कुछ देर रखें। फिर टी बैग्स
को आंख पर रखें। कुछ देर रखे रहने दें। आंखों की थकान और सूजन दूर हो जाएगी।
6. सफेद बालों को
फिर से काला बनाएं
आप सफेद बालों से
परेशान हैं और डाइ या कलर यूज नहीं करना चाहते तो एक कप पानी में तीन टी बैग्स
डालें। फिर उस पानी में मेंहदी डालें। रात भर इस घोल को रखा रहने दें। कुछ देर के
लिए छोड़ दें फिर सुबह इस पेस्ट को बालों में लगा लें। एक घंटा लगा रहने दें। उसके
बाद सिर धो लें। बालों पर डाइ करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
7. बालों की
कन्डिशनिंग के लिए
बालों की
कन्डिशनिंग के लिए दो गिलास पानी लेकर उसमें चार टी बैग डालें। इस पानी को ठंडा कर
लें। पानी ठंडा हो जाए तो शैम्पू करने के बाद इस पानी को सिर में डालें बाल शाइनी
और सिल्की हो जाएंगे।
8. दांत का दर्द
भगाने के लिए
यदि आप दांतों के
दर्द से परेशान हैं तो एक बाउल में ठंडा पानी लेकर टी बैग भिगो लें। उस टी बैग को
दांत के दर्द वाले स्थान पर निचोड़ लें। दर्द से राहत मिलेगी।
9. लकड़ी का फर्नीचर
साफ करने के लिए
लकड़ी का फर्नीचर
साफ करने के लिए थोड़े पानी में चार-पांच टी बैग्स डालकर उबाल लें। उसके बाद इस
चाय के पानी में साफ कपड़ा डूबोकर फर्नीचर की सफाई करें। फर्नीचर चमकने लगेगा।
10. कांच को साफ करने
के लिए
कांच को साफ करने
के लिए चाय का पानी बनाएं। उसे कांच पर थोड़ा छिड़के व साफ कपड़े से पोछें। कांच
के दाग-धब्बे साफ हो जाएंगे और कांच चमकने लगेगा।
11. इंजेक्शन का दर्द
खत्म करने के लिए
इंजेक्शन लगने के
बाद कई बार दर्द बहुत परेशान करने लगता है।आप भी दर्द से परेशान हैं तो टी बैग को
भिगोकर दर्द वाले स्थान पर रखें, राहत मिलेगी।
12. कीड़ा काट जाए तो
यदि कोई कीड़ा
काट जाए तो चाय के पानी में कॉटन को भिगोकर दर्द वाले स्थान पर लगाएं, राहत मिलेगी।
13. पैरों की बदबू
दूर करें
कई बार लगातार
जूते पहने रहने के कारण पैरों से बदबू आने लगती है। ऐसी बदबू को दूर करने के लिए
चाय का पानी बनाकर पैरों को उस पानी में कुछ देर डूबो कर रखें। बदबू दूर हो जाएगी।
14. माउथ वाश
मुंह की बदबू दूर
करने के लिए पूदीने की चाय बनाकर उससे कुल्ला करें। बहुत राहत मिलेगी। पुदीने की
चाय बनाने के लिए पानी में पुदीने की पत्तियां डालकर उबालें। फिर छानकर उपयोग
करें। यह माउथ वाश का काम करता है।
15. टोनर का काम करती
है
टी-बैग एक नेचुरल
टोनर की तरह काम करता है। टी-बैग को पानी में भिगोकर चेहरे पर घुमा लें। यह टोनर
की तरह काम करता है। इसके लगातार उपयोग से चेहरा ग्लौ करने लगता है।
16. बेहतरीन स्क्रब
भी है
ग्रीन टी में
थोड़ी सफेद शुगर और पानी मिलाकर चेहरे पर मसाज करें। यह स्क्रब की तरह काम करता
है।
17. दांतों को साफ
करती है
यदि आप अपने
दांतों को हमेशा स्वस्थ और सफेद बनाएं रखना चाहते हैं तो रोजाना एक कप ग्रीन-टी
जरूर पिएं। यह दांतों के लिए एक बेहतरीन औषधि का काम करती है।
18. पेट दर्द में दवा
का काम करती है
पेट दर्द हो रहा
हो तो दूध वाली चाय के बजाए ग्रीन टी में थोड़ा-सा अदरक मिला कर पीजिए।
19. अल्सर की रोगियों
के लिए लाभदायक है
पेट में अल्सर की
वजह से दर्द हो रहा है तो, ठंडी ग्रीन टी
पीजिए। इसमें बहुत सारा एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं,जो कि पेट के लिए फायदेमंद होते हैं।
20. कब्ज दूर करती है
पेट खराब है तो
गर्म ग्रीन टी में दालचीनी पाउडर और नींबू का रस मिलाकर पीजिए।
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