Sunday, 31 January 2016

इन साधारण सब्जियों और फलों के छिलके भी हैं Useful

नींबू हो या आलू, इन साधारण सब्जियों और फलों के छिलके भी हैं Useful
सभी फल और सब्जियां कई तरह के गुणों से भरपूर होते हैं। शरीर के लिए आवश्यक लगभग हर तरह के पोषक तत्व हमें इनसे मिलते हैं। इसलिए डॉक्टर सेहत बनाने के लिए अधिक मात्रा में इनका सेवन करने को कहते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि सिर्फ फलों और सब्जियों में ही नहीं, बल्कि उनके छिलके भी गुणों से युक्त होते हैं। इन छिलकों का उपयोग करने से कई रोग भी दूर होते हैं। यदि आप भी फलों और सब्जियों के इन गुणों से अनजान हैं, तो आइए जानते हैं आज छिलकों के कुछ ऐसे गुणों के बारे में।
- नींबू का छिलका जूते पर रगड़ें व कुछ देर के लिए धूप में रख दें। जूतों में चमक आ जाएगी।
- नींबू व संतरे के छिलकों को सुखा कर, खूब महीन चूर्ण बनाकर दांत पर घिसें। दांत चमकदार बन जाएंगे।
- नींबू का छिलका दांत पर मलने से दांत चमकदार बनते हैं।
- आलू के छिलके को चेहरे पर रगड़ने से चेहरे पर झुर्रियां नहीं पड़तीं।
- खरबूजे को छिलके सहित खाने से कब्ज दूर होती है।
- यदि आप अलमारियों में कीड़ों से परेशान हैं, तो वहां करेले का छिलका रख सकते हैं।
- जिन महिलाओं को मासिक धर्म के समय अधिक ब्लीडिंग की समस्या होती है, उनके लिए अनार का छिलका एक बेहतरीन दवा है। अनार के छिलके को सुखाकर पीसकर पाउडर बनाकर रख लें। इस पाउडर को एक चम्मच मात्रा में पानी के साथ लें।
- बादाम के छिलके व बबूल की फलियों के छिलके और बीजों को जलाकर पीस लें। इस मिश्रण में थोड़ा नमक डालकर मंजन करें। इससे दांतों का दर्द दूर होता है।
- अनार के छिलकों के दो चम्मच पाउडर में दोगुनी मात्रा में गुड़ मिलाकर गोलियां बना लें। कुछ दिन तक लें। बवासीर में जल्दी आराम मिलेगा।
- अनार के छिलके को मुंह में रखकर चूसने से खांसी खत्म हो जाती है।
- अनार के छिलके को बारीक पीसकर उसमें दही मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बनाकर बालों पर मलें। इससे बाल मुलायम होते हैं।
- लौकी के छिलके को बारीक पीसकर पानी के साथ पीने से दस्त में लाभ होता है।
- पपीते के छिलके को सौंदर्य बढ़ाने वाला माना जाता है। त्वचा पर लगाने से खुश्की दूर होती है। एड़ियों पर लगाने से वे मुलायम होती हैं।
- केले के छिलकों को हल्के हाथों से चेहरे पर पांच मिनट तक घिसने से पिंपल्स दूर हो जाते हैं। इसके छिलके का पेस्ट बनाकर लगाने से चेहरा ग्लो करने लगता है।
- केले का छिलका दांतों पर रगड़ने से दांत चमकने लगते हैं।
- जब कोई कीड़ा काट ले तो उस स्थान पर केले के छिलके को पीसकर लगाने से आराम मिलता है।
- सोराइसिस होने पर केले के छिलकों को पीसकर लगाएं। इससे दाग भी चले जाते हैं और आराम मिलता है।
- आंखों में थकान महसूस हो तो केले के छिलके को थोड़ी देर आंखों पर रख लें, राहत मिलेगी।
- लेदर बैग, बेल्ट या शू डल दिखने लगे हों तो उन पर केले का छिलका रगड़ने से चमक आ जाती है।
- यदि आप झुर्रियों से परेशान हैं तो अंडे की जर्दी में केले के छिलके को मिलाकर चेहरे पर लगाएं। इससे झुर्रियां खत्म हो जाती हैं। इस पेस्ट को चेहरे पर पांच मिनट के लिए लगाएं। फिर चेहरा धो लें।
- यदि शरीर में कहीं भी दर्द हो तो केले का छिलका उस स्थान पर लगाकर 30 मिनट के लिए छोड़ दें, दर्द से राहत मिलेगी।
- मस्सों पर नियमित रूप से छिलका घिसने से मस्से झड़ जाते हैं।
- संतरे के छिलके में क्लींजिंग, एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो पिंपल और एक्ने को ठीक कर देते हैं। संतरे के छिलके को सुखाकर पीसकर उसमें दही मिलाकर स्किन पर लगाने से स्किन ग्लोइंग व स्मूद बनती है।
- संतरे के छिलकों को बेसन में मिलाकर लगाना तैलीय त्वचा वालों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होता है। यह पिंपल्स को खत्म कर देता है।
- इसके छिलके में पाचन शक्ति बढ़ाने की क्षमता होती है। यह पाचन में सुधार, गैस, उल्टी, हार्ट बर्न और अम्लीय डकार को दूर करने में मदद करता है। यह भूख बढ़ाता है और मतली से राहत दिलाने का काम करता है।
- संतरे का छिलका कृमि का नाश करने वाला व बुखार को मिटाने वाला भी होता है। इसलिए इन सभी रोगों के रोगियों को संतरे का छिलका पीसकर खिलाने पर फायदा होता है।
- यदि आपके बाल एकदम रफ और बेजान दिखाई देते हैं तो संतरे के छिलके आपके लिए वरदान साबित हो सकते हैं। संतरे के छिलकों को पीसकर बालों में लगाकर कुछ देर रखें और फिर बाल धो लें। बाल चमकीले और मुलायम हो जाएंगे।
- संतरे के छिलकों को पीस कर उसमें गुलाब जल मिलाकर चेहरे पर लगाने से दाग व धब्बे मिटते हैं।
- एक अध्ययन के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को कोलेस्ट्रॉल की प्रॉब्लम हो तो ऐसे में संतरे के छिलके उपयोगी साबित हो सकते हैं।
- ये कैंसर व हड्डियों की कमजोरी जैसी समस्याओं में भी विशेष रूप से लाभदायक है।
- नारंगी के छिलके में एक विशेष प्रकार की गंध वाला तेल पाया जाता है। इस तेल का उपयोग तंत्रिकाओं को शांत करने व गहरी नींद के लिए किया जाता है। नहाने के पानी में इसका दो से तीन बूंद तेल डालिए और फिर देखिए कितनी मीठी नींद आती है।

Thursday, 28 January 2016

जीरा एक उपयोगी औषधि

जीरा खाना पचाने वाला सुगंधित मसाला है। यह पेट की प्रॉब्लम्स को दूर करने में बहुत ही उपयोगी है। भोजन में अरुचि, पेट फूलना, अपच आदि को दूर करने में जीरा एक उपयोगी औषधि की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। जीरा पेट के कीड़े खत्म करने व बुखार उतारने में भी सहायक है।वजन कम करने के साथ- साथ यह बहुत सारी अन्य बीमारियां से भी बचता है। कोलेस्ट्रॉल कम करता है, हार्ट अटैक से बचता है, स्मरण शक्ति बढ़ता है। साथ ही, खून की कमी को भी दूर करता है।
1. जल्दी मोटापा कम करता है जीरा 
दो बड़े चम्मच जीरा एक गिलास पानी मे भिगो कर रात भर के लिए रख दें। सुबह इसे उबाल लें और गर्म-गर्म चाय की तरह पिएं। बचा हुआ जीरा भी चबा लें। इसके रोजाना सेवन से मोटापा कम होने लगता है।
2. शहद और जीरा भी घटाता है चर्बी
3 ग्राम जीरा पाउडर को पानी में मिलाएं। इसमें कुछ बूदें शहद की डालें और इस मिश्रण को पी जाएं। वेजिटेबल सूप बनाएं तो इसमें एक चम्मच जीरा जरूर डालें। जीरा वाला ब्राउन राइस भी वजन घटाने में मददगार होता है।
3. दही के साथ जीरा पाउडर भी है लाभदायक
जीरे को आप वजन कम करने के लिए किसी भी तरह खा सकते हैं। ५ ग्राम दही में एक चम्मच जीरा पाउडर मिलाकर रोज़ खाएं।
4. नींबू, अदरक और जीरा भी है रामबाण
अदरक और नींबू दोनों जीरे की वजन कम करने की क्षमता को बढाते हैं। इसके लिए गाजर और थोड़ी सब्ज़ियों को उबाल लें इसमें अदरक को कद्दूकस कर लें। साथ ही, ऊपर से जीरा और नींबू का रस डालें और इसे रात में खाएं। बढ़ता वजन कंट्रोल हो जाएगा।
5. जीरा पाचन काे ठीक करता है
जीरा खाने को पचाने में मदद करता है, जिससे गैस कम बनती हैं। ऐठन और पेट फूलना ख़राब पाचन की समस्या हैं। जीरा गैस को बनने से रोकता है जिससे अच्छे से खाना पच जाता है।
6. हार्ट अटैक से बचता है
जीरा ख़राब कोलेस्ट्रॉल और फैट को शरीर में बनने से रोकता है। इसलिए यह वजन कम करने में मदद करता है। साथ ही, हार्ट अटैक से भी बचता है।
7. एसिडिटी से दिलवाता है राहत
एसिडिटी से तुरंत राहत पाने के लिए, एक चुटकी कच्चा जीरा खाने से फायदा मिलता है.

Tuesday, 26 January 2016

हर्बल नुस्खों का उपयोग कर अपने बच्चों को सेहतमंद बना सकते हैं।



माता-पिता के लिए बच्चों की सेहत में कमजोरी चिंता का विषय होती है। इसलिए अक्सर बच्चों की कमजोरी से परेशान लोगों को डॉक्टर के क्लिनिक के चक्कर लगाते देखा जा सकता है। इसका कारण ये है कि हम में से अधिकतर पारंपरिक अनमोल खजाने को टटोलने के बजाए बच्चों को कृत्रिम दवाओं के सहारे बलवान, ऊर्जावान और स्मरण शक्ति में तेज बनाने की अपेक्षा रखते हैं। दरअसल, हम ये भूल जाते हैं कि रासायनों के घातक प्रभाव को देर-सवेर बच्चा ही भोगता है। चलिए आज जिक्र करते हैं कुछ पारंपरिक हर्बल नुस्खों का जिनका उपयोग कर आप अपने बच्चों को सेहतमंद बना सकते हैं।
1. अपने बच्चों को भुने हुए चने को अच्छी तरह से चबाकर खाने की सलाह दें। ऊपर से 1-2 चम्मच शहद पीने के लिए कहें, यह शरीर को बहुत ही स्फूर्तिवान और शक्तिशाली बनाता है।
2. भिंडी के बीजों को एकत्र कर सुखाएं और बच्चों को इसका चूर्ण खिलाएं। माना जाता है कि ये बीज प्रोटीनयुक्त होते है और उत्तम स्वास्थ्य के लिए बेहतर हैं। दरअसल, ये बेहद गुणकारी और शक्तिवर्धक होते हैं।
3. बच्चों को रोजाना सुबह और शाम 4-4 चम्मच अंगूर के रस का भोजन के बाद सेवन कराया जाए तो बुद्धि और स्मरण शक्ति का विकास होता है। साथ ही, बच्चों को चुस्त दुरूस्त रखने में भी मदद करता है।
4. बच्चों के शारीरिक विकास के लिए चौलाई या पालक की भाजी का सेवन करवाते हैं, साथ ही इसकी पत्तियों के रस का सेवन भी करवाते हैं। इन आदिवासियों की मानी जाए तो ये पौधे बहुत गुणकारी होने के साथ-साथ शरीर को शक्ति भी देते हैं।
5. प्याज और गुड़ का सेवन करने की सलाह गुजरात के डांगी आदिवासी देते है। इन आदिवासियों की मानी जाए तो बच्चों को खाने के साथ लगभग हर दिन प्याज और गुड़ दिया जाना चाहिए ताकि वे बलवान बनें।
6. सिंघाडा बच्चों के शरीर को शक्ति प्रदान करता है और खून बढ़ाता है। सिंघाड़े में प्रोटीन, वसा, कार्बोहाईड्रेट, फास्फोरस, लोहा, खनिज तत्व, विटामिन, स्टार्च और मैंग्नीज जैसे महत्वपूर्ण तत्व पाए जाते हैं। आदिवासी हर्बल जानकारों के अनुसार कच्चे हरे सिंघाडा खाने से बच्चों के शरीर में तेजी से ऊर्जा मिलती है और स्मरण शक्ति में भी इजाफा होता है।
7. कहा जाता है कि फराशबीन बच्चों की दिमागी क्षमता शारीरिक शक्ति को बढ़ाती है। लंबी बीमारी के बाद शरीर कमजोर हो जाने पर फलियों का आधा से एक गिलास रस नियमित रूप से सात दिनों तक पीने पर शरीर में शक्ति का पुन: संचार होने लगता है।

Thursday, 21 January 2016

प्याज के रस से बालों का गिरना बंद हो जाता है

बालों का गिरना इन दिनों एक आम समस्या बन चुकी है. ये एक ऐसी परेशानी है जो किसी को भी, किसी भी उम्र में हो सकती है. यूं तो बाजार में कई ऐसे उत्पाद मौजूद हैं जो ये दावा करते हैं कि उनके इस्तेमाल से बालों का गिरना बंद हो जाएगा. हालांकि इन उत्पादों के इस्तेमाल से रि‍एक्शन होने का खतरा भी बना रहता है.
ऐसे में घरेलू उपायों को अपनाना सबसे सुरक्षित तरीका है. बालों को गिरने से रोकने के लिए आप प्याज के रस का इस्तेमाल कर सकते हैं. प्याज के रस से जहां बालों का गिरना बंद हो जाता है वहीं इसके इस्तेमाल से बालों की ग्रोथ भी बढ़ती है.
प्याज एक नेचुरल कंडिशनर की तरह काम करता है और इसके नियमित प्रयोग से बालों में चमक भी आती है. प्याज में पर्याप्त मात्रा में सल्फर पाया जाता है जो ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाने का काम करता है. इसके चलते कोलेजन भी सकरात्मक रूप से प्रभावित होता है.
बता दें कि कोलेजन बालों की ग्रोथ के जिम्मेदार कारक है. प्याज का रस बालों की जड़ को मजबूती देने का काम करता है. साथ ही इसमें मौजूद तत्वों से स्कैल्प में होने वाले संक्रमण से भी राहत मिलती है.
प्याज का रस डैन्ड्रफ दूर करने के भी काम आता है. यूं तो प्याज का रस बालों के लिए बहुत फायदेमंद है लेकिन सबसे जरूरी है कि आपको इसके इस्तेमाल का सही तरीका पता हो. आप चाहें तो प्याज के रस को इन तरीकों से इस्तेमाल में ला सकते हैं.
1. प्याज का रस और शहद
अगर आप बालों के गिरने और डैंड्रफ की समस्या से जूझ रहे हैं तो शहद के साथ प्याज का रस मिलाकर लगाना बहुत फायदेमंद होगा. डैंड्रफ की समस्या को दूर करने के साथ ही यह बालों की ग्रोथ भी बढ़ाने का काम करता है. प्याज के रस और शहद की समान मात्रा लेकर उसे अच्छी तरह मिला लें. इस मिश्रण को एक घंटे तक मिलाकर छोड़ दें. उसके बाद इसे अच्छी तरह स्कैल्प पर लगाएं और कुछ समय बाद बालों को हल्के गुनगुने पानी से धो लें.
2. प्याज का रस और बादाम का तेल
बादाम के तेल में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो बालों के गिरने की समस्या को दूर करते हैं. बादाम के तेल में प्याज का रस मिलाकर लगाने से बालों के गिरने की समस्या दूर हो जाती है. इसके इस्तेमाल से बाल घने, मुलायम और चमकदार बनते हैं. आप चाहें तो बादाम के तेल की जगह नारियल का तेल या फिर जैतून का तेल भी मिला सकते हैं.
3. गर्म पानी में प्याज का रस मिलाकर
प्याज के रस में गर्म पानी मिलाकर लगाना भी बालों को सेहतमंद बनाता है. पानी की एक अच्छी मात्रा में प्याज का रस मिलाकर लगाने से बाल तो सेहतमंद होने के साथ ही घने भी बनते हैं.

Wednesday, 20 January 2016

रसोई में मौजूद इम्यूनिटी बढ़ाने का फॉर्मूला

जाना बदलता मौसम सेहत पर असर कर रहा है। कभी तेज धूप, गर्मी, कभी कड़ाके की ठंड तो कभी बारिश के चलते सर्दी, जुखाम और बुखार जैसी बीमारियों की शिकायत बढ़ रही है। एक्सपर्ट्स के अनुसार ऐसे मौसम में इम्यूनिटी कम हो जाती है, जिससे बीमारियों की पॉसिबिलिटी बढ़ जाती है। जानेंगे इनसे बचने और इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग करने के बारे में...
सब्ज़ी में डालें काले तिल का पाउडर
बीमारी से बचने के लिए इम्यून सिस्टम सही करें। इसके लिए संतरा, आंवला और अमरूद खाएं। इसके अलावा एक चम्मच काले तिल का पाउडर दूध में या सब्जी बनाते वक्त डालें, लेकिन इससे पहले काले तिल को भूनकर उसका पाउडर बना लें। रेगुलर इस्तेमाल से शरीर की ताकत बढ़ेगी और थकान नहीं होगी।
 
रसोई में मौजूद इम्यूनिटी बढ़ाने का फॉर्मूला
अच्छी नींद, बेहतर डाइजेशन और निरोगी रहने के लिए मसालों से एक बेहतरीन फॉर्मूला तैयार कर सकते हैं। इसका असर 10 से 12 दिन के अंदर बॉडी पर दिखाई देने लगेगा।
छोटी-बड़ी इलायची, लौंग, दालचीनी, काली मिर्च, काली तिल को बराबर मात्रा में लेकर अलग-अलग भून लें। 
 
एक-एक कप बादाम और काजू भी भूनें। सारी सामग्री को पीस कर शीशी में रख लें। दूध में इस पाउडर को मिलाकर पिएं।
अगर डायबिटीज नहीं है, तो इसमें छुआरा या खजूर मिला सकते हैं। हर दिन इसका सेवन करने से खांसी, ज़ुकाम, बुखार नहीं होगा और सुबह उठने पर एनर्जी लेवल हाई रहेगा।
 
फ्रूट्स में मिलाएं दालचीनी
दिन में एक बार फ्रूट्स ज़रूर खाएं। इसमें थोड़ा सा दालचीनी पाउडर भी मिलाएं।
सब्ज़ियों को सॉटे करने से पहले गर्म तेल पर थोड़ी सी हल्दी स्प्रिंकल करें। ध्यान रखें कि हल्दी जले नहीं।
पिघले हुए मक्खन में हल्दी मिला दें और पकी हुई सब्ज़ी पर डालकर मिक्स कर दें। इससे हल्दी जलेगी नहीं और उसका पूरा फायदा शरीर को होगा।

इलायची अनेक औषधीय गुणों से भरपूर है।इस तरीके से इलायची खाने पर मजबूत बनता है शरीर

छोटी इलायची को खुश्बू व स्वाद के लिए इस्तेमाल किया जाता है। मीठे व्यंजनों में इसका फ्लेवर तो लाजवाब लगता ही है। इलायची वाली चाय भी खूब पसंद की जाती है। इलायची का वानस्पतिक नाम एलाट्टारिया कार्डोमोमम है। कम ही लोग जानते हैं कि छोटी सी इलायची अनेक औषधीय गुणों से भरपूर है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं इलायची के कुछ ऐसे ही फायदों के बारे में..
1. तीन से चार इलायची, छुईमुई की जड़ें (2 ग्राम), सेमल की छाल (3 ग्राम) को आपस में मिलाकर कुचल लें। इसे एक गिलास दूध में मिलाकर रोजाना रात को सोने से पहले पीने से शरीर मजबूत बनता है।
2. पुरूषों में नपुंसकता दूर करने के लिए काली मूसली (5-10 ग्राम), बादाम (एक या दो), चिरौंजी के दाने (2 ग्राम) और तीन इलायची को मिलाकर कुचल लें। रोज रात सोने से पहले इसे खाएं समस्या का समाधान धीरे-धीरे होने लगता है।

3. एसिडिटी की समस्या में इलायची बहुत असरदार है। एक इलायची खा लेने से एसिडिटी में तुरंत राहत मिल जाती है।

4. छोटी इलायची, एक टुकड़ा अदरक, लौंग व पांच तुलसी के पत्ते एक साथ पान में रखकर खाएं खांसी और सर्दी गायब हो जाएगी।

5. खराश में रामबाण की तरह काम करती है। सुबह और रात को सोते समय छोटी इलायची चबा-चबाकर खाएं व गुनगुना पानी पिएं।

6. अगर आपके मुंह से बदबू आती है, तो हर रोज भोजन के बाद इलायची का सेवन जरूर करें। यह समस्या खत्म हो जाएगी।

7. जिन्हें ज्यादा पेशाब होने की शिकायत होती है उन्हें विदारीकंद, लौंग और इलायची की समान मात्रा लेकर दिन में तीन बार चबाना चाहिए, माना जाता है कि पेशाब होने की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है।

8. चक्कर आ रहे हों और जी मिचला रहा हो तो तुरंत अपने मुंह में छोटी इलायची डाल लीजिए। आपको तुरंत राहत मिलेगी।
9. सफेद मूसली की जड़ों के चूर्ण के साथ इलायची मिलाकर दूध में उबालकर पीने से पेशाब की जलन में राहत मिलती है।

पैरों की देखभाल भी है जरूरी




चेहरे की खूबसूरती के लिए हम क्या कुछ नहीं करते हैं. पार्लर जाना, घरेलू उपाय करना, बाजार में बिकने वाले सौंदर्य उत्पादों का इस्तेमाल करना और न जाने क्या-क्या. यह सच बात है कि चेहरे को सबसे अधिक नोटिस किया जाता है और इस लिहाज से उसकी सबसे ज्यादा देखभाल करना जरूरी है, लेकिन आपके पैरों का क्या?

खूबसूरती संपूर्ण रूप में होनी चाहिए और ऐसे में लोग सबसे ज्यादा पैरों को ही अनदेखा करते हैं. पैरों की सही देखभाल नहीं करना कभी न कभी आपको शर्मिंदगी महसूस करा सकता है.

पैरों की देखभाल न करना न केवल आपकी खूबसूरती में दाग लगा सकता है बल्क‍ि यह दर्द का कारण भी बन सकता है. अगर आपने अभी तक अपने पैरों पर ध्यान नहीं दिया है तो कम से कम इन सर्दियों में इनको अनदेखा न करें.

कई लोगों को लगता है कि पैरों की देखभाल करना एक मुश्क‍िल और मेहनत भरा काम है लेकिन ऐसा है नहीं. नींबू के इस्तेमाल से आप चाहें तो कुछ ही दिनों में अपने पैरों को खूबसूरत बना सकती हैं.

नींबू एक ऐसी चीज है जो हर घर में बहुत आसानी से मिल जाता है. नींबू इस्तेमाल करने के कुछ तरीके और उनके फायदे:

1. डेड स्किन और पपड़ी साफ करने में मददगार
डेड स्क‍िन की वजह से हमारी एड़ी खुरदुरी हो जाती है. इस समस्या के बढ़ जाने से कई बार खून आने की भी स्थिति हो जाती है. इस समस्या का सिर्फ और सिर्फ एक ही उपाय है डेड स्क‍िन साफ कर दी जाए ताकि वहां कोमल और नई त्वचा आ सके. ऐसे में लेमन स्क्रब का इस्तेमाल करना बहुत फायदेमंद होता है.

नींबू एक ऐसी चीज है जिसका हर हिस्सा फायदेमंद होता है. आप चाहें तो नींबू के साथ शहद को भी मिला सकते हैं. ब्राउन शुगर, नींबू का रस और ऑलिव ऑयल की कुछ मात्रा मिलाकर एक मिश्रण तैयार कर लें. इससे स्क्रब करने पर डेड स्क‍िन तो साफ हो ही जाएगी, साथ ही एड़ियां कोमल भी बनेंगी.

2. चमक लाने के लिए भी फायदेमंद है नींबू
नींबू में अम्लीय गुण पाया जाता है. साथ ही यह विटामिन सी के गुणों से भी भरपूर होता है. नींबू की यही खासियत पैरों और नाखूनों के लिए वरदान है. नींबू के इस्तेमाल से एक ओर जहां कालापन कम होता है वहीं नाखूनों में भी चमक आती है.

दो से तीन नींबू लेकर उसका रस निचोड़ लें. एक बर्तन में हल्का गर्म पानी लेकर उसमें इस रस को डाल दें. आप चाहें तो गुलाब के फूल की कुछ पत्तियों को भी इसमें डाल सकती हैं. कुछ देर तक इस घोल में पांव डुबोकर रखें और हल्के हाथों से पैरों को स्क्रब करें. ऐसा करने से आपकी थकान तो कम होगी ही, साथ ही पैर भी खूबसूरत बनेंगे.

3. ताजगी का एहसास
पैरों को स्क्रब करने और उन्हें धोने से ताजगी का एहसास होता है. गुनगुने पानी में कुछ बूंदें शहद की डालें और उसी में 2-3 नींबू का रस निचोड़ लें. कुछ देर तक पैरों को इसी घोल में डुबोकर रखें. इसके अलावा, आप अगर चाहें तो नींबू के रस और शहद को मिलाकर पैरों की मसाज भी कर सकती हैं. ऐसा करना भी पैरों को साफ और खूबसूरत रखने में बहुत फायदेमंद होगा.

4. बदबू से छुटकारा
कई लोग ऐसे होते हैं जिनके पैरों से बदबू आती है. पैर चाहे जितने खूबसूरत हों, लेकिन अगर इनसे बदबू आती है तो कोई भी उस शख्स के साथ रहना पसंद नहीं करेगा.

एक बर्तन में गुनगुना पानी लेकर उसमें दो से तीन नींबू निचोड़ लें. मॉइश्चराइजेशन के लिए किसी भी तेल की कुछ बूंदें डाल लें. ऐसा नियमित करने से न केवल आपके पैरों से बदबू आना कम हो जाएगी बल्क‍ि ये मुलायम भी बने रहेंगे.

5. फंगस और दूसरे संक्रमणों से सुरक्षा के लिए
कई बार पैर की उंगलियों में पानी लगने से या फिर किसी दूसरी वजह के चलते फंगस हो जाती है. ऐसे में भी नींबू का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद होता है. नींबू के रस में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो विभिन्न प्रकार के संक्रमणों से भी सुरक्षा प्रदान करने का काम करते हैं

चुकंदर किस तरह है फायदेमंद?Use Beetroot

आपके बाल भी झड़ रहे हैं? आज के समय में लगभग हर दूसरा शख्स इस समस्या से जूझ रहा है. बाल झड़ने के कई कारण हो सकते हैं. कई बार विटामिन और दूसरे पोषक तत्वों की कमी के चलते, हॉर्मोन्स के असंतुलित हो जाने की वजह से और तो और बहुत अधिक तनाव लेने पर भी बाल गिरने लग जाते हैं.अगर आप भी झड़ते बालों से परेशान हैं तो चुकंदर का इस्तेमाल करना आपके लिए बहुत फायदेमंद होगा. चुकंदर में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो बालों को मजबूती देते हैं. साथ ही इसके इस्तेमाल से बालों की ग्रोथ भी बेहतर होती है.
बाल झड़ने के कारण
हर शख्स में बाल झड़ने के अलग-अलग कारण हो सकते हैं. जिन लोगों को थायरॉएड की समस्या है उनमें हॉर्मोन्स असंतुलित हो जाते हैं, जिसके चलते बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं. इसके अलावा स्कैल्प में संक्रमण हो जाने या फिर त्वचा से जुड़ी कोई समस्या हो जाने पर भी बाल गिरने लगते हैं. पोषक तत्वों की कमी भी इसका एक प्रमुख कारण है. विटामिन ए की अधिकता के चलते भी बाल झड़ते हैं.
चुकंदर किस तरह है फायदेमंद?
चुकंदर में ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जिनकी कमी से बाल झड़ना शुरू हो जाते हैं. चुकंदर में विटामिन सी, आयरन, विटामिन बी6, मैग्नीशियम और पोटैशियम पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है. सौ ग्राम चुकंदर में करीब डेढ़ ग्राम प्रोटीन पाया जाता है. विभिन्न प्रकार के पोषक तत्वों से भरपूर चुकंदर स्कैल्प्स में संक्रमण भी नहीं होने देता है.इसके अलावा चुकंदर का जूस तनाव कम करने में भी मददगार है जोकि बाल झड़ने का एक प्रमुख कारण भी है.
कैसे करें चुकंदर का इस्तेमाल?
बालों की मजबूती के लिए चुकंदर को कई तरीके से प्रयोग में लाया जा सकता है. आप चाहें तो इसे सलाद के रूप में या फिर जूस के रूप में इस्तेमाल में ला सकते हैं. हालांकि चुकंदर का जूस पीना सबसे अधिक फायदेमंद है.
- चुकंदर के साथ ही पालक और गाजर का जूस भी बालों के लिए फायदेमंद साबित है. आप चाहें तो चुकंदर के साथ ही गाजर और पालक को भी मिला सकते हैं.
- चुकंदर का सलाद खाना भी फायदेमंद है. इसे पतले-पतले टुकड़ों में काट लें और खूब चबाकर खाएं.
- आप चाहें तो चुकंदर को नींबू के रस और हल्के नमक के साथ मिलाकर खा सकते हैं. नींबू में मिलने वाला विटामिन सी संक्रमण से बचाता है. इस तरह आपको चुकंदर और नींबू, दोनों के फायदे मिलेंगे.
- आप चाहें तो चुकंदर को पीसकर एक गाढ़ा पेस्ट बना सकते हैं और इसे बालों में हेयर मास्क की तरह लगा सकते हैं.

नमक का इस्तेमाल

अगर आपको लगता है कि नमक सिर्फ स्वाद बढ़ाने के ही काम आता है तो यह आपकी गलतफहमी है. नमक एक ऐसा ब्यूटी प्रोडक्ट है जिसके फायदों के बारे में कम ही लोगों को पता होता है. नमक का इस्तेमाल हर घर की रसोई में होता है. ऐसे में जब आप चाहें तब इसे प्रयोग में ला सकती हैं और बेहद कम कीमत में अपना रूप निखार सकती हैं.
आराम और ताजगी के लिए
कई बार ऐसा होता है कि ऑफिस से घर आकर कुछ देर आराम करने के बावजूद हमारी थकान दूर नहीं होती. इस वजह से चेहरा भी बुझा-बुझा सा नजर आता है. तो जब भी आप थकान महसूस करें, आधी बाल्टी गुनगुने पानी में सात से आठ चम्मच नमक मिला लें. पानी में नमक तुरंत घुल जाता है. अब कुछ देर के लिए पैरों को बाल्टी में रखकर बैठ जाएं. ऐसा करने से जहां थकान दूर हो जाएगी वहीं आपको ताजगी का भी एहसास होगा.इसके अलावा नमक में एंटी-बैटीरियल और एंटी-फंगल गुण पाया जाता है. अगर आपको पैरों के संक्रमण से जुड़ी कोई भी समस्या है तो वह भी दूर हो जाएगी. अगर आपके पैरों में सूजन है तो भी इस घोल में पैर डालकर बैठना फायदेमंद रहेगा.
एक बेहतरीन टोनर है नमक
अगर आपकी स्क‍िन ऑयली है तो नमक के टोनर का इस्तेमाल करना बहुत फायदेमंद रहेगा. एक छोटी स्प्रे बोतल में हल्का गुनगुना पानी लें और उसमें एक छोटा चम्मच नमक अच्छी तरह मिला लें. जब नमक अच्छी तरह घुल जाए तो उसे चेहरे पर स्प्रे करें. बस ध्यान रखें कि इसे आंखों के पास स्प्रे न करें. चेहरे पर आए पानी को रुई की मदद से पूरे चेहरे पर फैला लें और साफ कर लें.
आप चाहें तो टोनर के बदले सॉल्ट स्टीम का उपाय भी अपना सकती हैं. इसमें गर्म पानी में नमक डालकर चेहरे पर भाप ली जाती है.
आंखों की सूजन दूर करने के लिए
कई बार ऐसा होता है कि थकान के चलते, कम नींद के चलते आंखें सूज जाती हैं. आप चाहें तो गुनगुने पानी में नमक मिलाकर सिंकाई करने से आंखों के नीचे दिखने वाले पफ कम हो जाते हैं.
एक बेहतरीन स्क्रबर है नमक
नमक एक नेचुरल स्क्रबर है. हाथ में कुछ मात्रा में नमक लें और उसमें कुछ बूंदें पानी की मिला दें. इससे चेहरे पर हल्के हाथों से मसाज करें. ऐसा करने से डेड स्किन साफ हो जाती है और त्वचा कोमल-मुलायम और निखरी हुई नजर आती है.
दांतों की खूबसूरती के लिए करें नमक का इस्तेमाल
आप चाहें तो नमक और खाने वाले सोडा को मिलाकर टुथ पाउडर की तरह इस्तेमाल में ला सकते हैं. इससे दांतों में चमक आती है. साथ ही सरसों के तेल के साथ नमक का इस्तेमाल करना पायरिया में फायदेमंद होता है.सामान्य नमक के इस्तेमाल से कहीं बेहतर है कि आप समुद्री नमक का इस्तेमाल करें. यह नेचुरल होता है जिससे इसके किसी साइड इफेक्ट की आशंका कम हो जाती है.

Tuesday, 19 January 2016

बनाएं घरेलू लिप बाम

पेपरमिंट बाम : किसी माइक्रोवेव सेफ कटोरे में थोड़ी-सी पेट्रोलियम जेली लें और उसे तब तक ओवन में रखें, जब तक कि जेली तरल में परिवर्तित न हो जाए. इसके बाद इसमें एक चम्मच शहद और आधा चम्मच बादाम का तेल मिलाएं. इसमें पेपरमिंट अर्क मिलाकर सभी चीजों को फिर से 20 सेकेंड के लिए गर्म करें. उसके बाद गर्म मिश्रण को एक लिप बाम स्टिक में लगाएं जो कि आपको आसानी से बाजार में मिल जाएगी. एक घंटे तक उसे सामान्य तापमान पर रखें और ठोस होने पर इस्तेमाल करें
 नींबू रोजमेरी बाम : इस बाम को बनाने के लिए पहले बनाए नारियल तेल, कोको बटर और बी वैक्स के मिश्रण में नींबू और रोजमेरी दोनों के अर्क की 15-15 बूंदें मिलाएं. इसे खूबसूरत रंग देने के लिए मिश्रण जब गर्म हो रहा हो, तब उसमें छोटा-सा टुकड़ा लिपस्टिक का मिला लें.
 शुद्ध नारियल तेल और कोको बटर बाम : ताजे नारियल तेल को कोको बटर के साथ मिलाएं. उसके बाद इस मिश्रण को समान मात्रा के मधुमक्खी के मोम (बी वैक्स) और वनीला सत के साथ गर्म करें. मिश्रण गाढ़ा होने के बाद इसे किसी खाली डिब्बी में भर दें. इस्तेमाल करने से पूर्व इसे कुछ समय के लिए फ्रीज कर लें.
 आप घर में ही शुद्ध नारियल तेल, कोको बटर या पेपरमिंट ' लिपबाम बनाकर फटे होठों से छुटकारा पा सकते हैं. 'सी सोल' कॉस्मेटिक्स की संस्थापक, कॉस्मेटोलॉजिस्ट मनीशा चोपड़ा ने घरेलू लिपबाम बनाने के लिए कुछ टिप्स दिए हैं.

करी पत्ते का इस्तेमाल Uses of Curry Leaves

करी पत्ते का इस्तेमाल मुख्य रूप से किसी भी व्यंजन का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है. करी पत्ते में मौजूद पोषक तत्व कई लिहाज से स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं. शुगर को कंट्रोल में रखकर यह वजन भी बढ़ने नहीं देता. इसे त्वचा और बालों के लिए भी अच्छा माना जाता है. करी पत्ते के कुछ फायदे तो ऐसे होते हैं जिन पर आप भरोसा भी नहीं कर पाएंगे:
1. एनीमिया के खतरे को कम करता है: करी पत्ते में भरपूर मात्रा में आयरन और फॉलिक एसिड होता है. आयरन जहां शरीर के लिए एक प्रमुख पोषक तत्व है वहीं फॉलिक एसिड इसके अवशोषण में सहायक होता है. इस वजह से यह एनीमिया से बचाव करने में कारगर है.
2. लीवर के लिए: किसी भी वजह, वह चाहे गलत खानपान हो या फिर अल्कोहॉल का अधिक मात्रा में सेवन, से अगर आपका लीवर कमजोर हो गया है तो करी पत्ता आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है. इसमें मौजूद विटामिन ए और सी लीवर को दुरुस्त करने में मदद करते हैं.
3. ब्लड-शुगर को नियंत्रित रखने में: करी पत्ते में मौजूद फाइबर इन्सुलिन को प्रभावित करके ब्लड-शुगर लेवल को कम करता है. साथ ही यह पाचन क्रिया को भी सही रखता है, जिससे मोटापा होने का खतरा कम हो जाता है.
4. दिल से जुड़ी समस्याओं में: करी पत्ता कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मददगार होता है. यह ब्लड में गुड कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ाकर दिल से जुड़ी बीमारियों से बचाने में भी मदद करता है. 

5. पाचन क्रिया को सही रखता है: करी पत्ते में कार्मिनटिव नामक तत्व होता है जो कब्ज जैसी समस्याओं को दूर रखता है. इससे पेट की अन्य समस्याओं में भी आराम मिलता है. यह एंटी बैक्टीरियल की तरह भी काम करता है, जिसकी वजह से यह पेट से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद माना जाता है.
6. त्वचा संक्रमण में राहत: करी पत्ते के एंटी ऑक्सि‍डेंट, एंटी बैक्टीरियल और एंटी फंगल गुण इसे त्वचा के लिए गुणकारी बनाते हैं. त्वचा में इंफेक्शन हो जाए तो उसे दूर करने में भी करी पत्ता में बहुत फायदेमंद होता है.
7. बालों को ग्रोथ के लिए: करी पत्ते में मौजूद पोषक तत्व बालों को जल्दी सफेद नहीं होने देते और बालों का झड़ना भी कम करते हैं. यह डैंड्रफ जैसी समस्याओं में भी कारगर होता है.

Monday, 18 January 2016

ऐसा करने से पिंपल्स खत्म हो जाएंगे।

युवावस्था में हार्मोंस बदलते हैं और तनाव भी इसी वक्त सबसे ज्यादा घेरता है। युवा वर्ग ही सबसे ज्यादा खानपान संबंधी लापरवाही बरतता है। यही तीन कारण पिंपल्स के लिए जिम्मेदार हैं। कुछ साधारण घरेलू उपाय कर पिंपल्स की समस्या से निपटा जा सकता है। ये उपाय इस प्रकार हैं-
1. हल्दी- हल्दी एंटीसेप्टिक का काम करती है। इसीलिए इसमें बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता पाई जाती है।
उपाय- एक चम्मच हल्दी पाउडर में थोड़ा सा पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को पिंपल्स पर लगाएं। कुछ मिनट के लिए लगा रहने दें। फिर ठंडे पानी से चेहरा धो लें। ऐसा एक हफ्ते तक करें। पिंपल्स खत्म हो जाएंगे।
 
2. नींबू- पिंपल्स मिटाने के लिए नींबू बहुत फायदेमंद होता है। नींबू में भरपूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है।
उपाय- दो नींबू का जूस निकाल लें। नींबू के रस को कॉटन में भिगोकर चेहरे पर लगा लें। सूख जाए तो ठंडे पानी से धो लें। दिन में दो बार इसे तीन-चार दिनों तक लगाएं। पिंपल्स दूर हो जाएंगे।

3. लहसुन- लहसुन में एंटीफंगल तत्व पाए जाते हैं। इसीलिए यह पिंपल्स को बहुत जल्दी दूर कर देता है।
उपाय- लहसुन की दो कलियां और एक लौंग पीस लें। इस पेस्ट को सिर्फ पिंपल्स पर लगाएं। कुछ देर लगा रहने दें। फिर चेहरा धो लें। ऐसा करने से पिंपल्स खत्म हो जाएंगे।
 4. बर्फ- पिंपल्स को खत्म करने के लिए बर्फ का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
उपाय- बर्फ के टुकड़े को कॉटन में लपेटकर चेहरे पर हल्के से मसाज करें। तीन-चार दिन तक दिन में दो बार बर्फ से मसाज करने से पिंपल्स की ठीक हो जाएंगे।
5. भाप- भाप पिंपल्स का एक बढ़िया इलाज है। चेहरे पर भाप लेने से रोम छिद्र खुल जाते हैं। चेहरे की गंदगी दूर हो जाती है।
उपाय- जब भी पिंपल्स की समस्या हो, चार-पांच दिनों तक दिन में दो बार चेहरे पर भाप लें। पिंपल्स खत्म हो जाएंगे और चेहरा ग्लो करने लगेगा।
 6. शहद- शहद एक नेचुरल एंटीसेप्टिक है। पिंपल्स की समस्या में यह रामबाण है।
उपाय- कॉटन बॉल को शहद में डुबोकर चेहरे पर लगाएं। सूखने पर चेहरा धो लें। पिंपल्स खत्म हो जाएंगे।
7. पपीता- पपीता में बहुत अधिक मात्रा में एंटीआक्सीडेंट पाए जाते हैं। यह पिंपल्स को बहुत जल्दी खत्म करने की क्षमता रखता है।
उपाय- एक पपीता को छिलकर मिक्सर में पीस लें और चेहरे पर लगाएं। पपीते का जूस भी चेहरे पर लगाया जा सकता है। पंद्रह से बीस मिनट चेहरे पर लगा रहने दें। फिर ठंडे पानी से चेहरा धो लें।

सर्दियों की समस्याओं से निपटने के लिए कुछ सुपरफूड्स बेहद मददगार हो सकते हैं.

सर्दियों के मौसम में कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन प्रकृति ने इनसे लड़ने के लिए कई प्रकार के खाद्य पदार्थ भी दिए हैं. खाने की कुछ चीजों की मदद से आप ठंड का मुकाबला जमकर कर सकते हैं. ओरिफ्लेम की आहार विशेषज्ञ सोनिया नारंग के मुताबिक, सर्दियों की समस्याओं से निपटने के लिए कुछ सुपरफूड्स बेहद मददगार हो सकते हैं.
किन 6 चीजों से आप सर्दियों की समस्याओं को दूर रख सकते हैं, जानें इनके बारे में:
अश्वगंधा की जड़
अश्वगंधा की जड़ पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति में कारगार आयुर्वेदिक दवा के रूप में प्रयोग की जाती है. इसे एक 'एडप्टोजन' माना जाता है, यानी यह एक ऐसी जड़ीबूटी है जो शारीरिक ऊर्जा सुधारने, खिलाड़ियों की क्षमता बढ़ाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता सुधारने और यौन व प्रजनन क्षमता बढ़ाने में काफी कारगर मानी जाती है. सर्दियों में इसे लेने से इंफेक्शन, जुकाम आदि दूर रहते हैं.
हल्दी
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए हल्दी का प्रयोग केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विश्व भर में किया जाता है. एक एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-वायरल के तौर पर यह शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में काफी मददगार है. ज्यादा लाभ के लिए हल्दी गर्म दूध के साथ लें.

चिया के बीज
ये बीज प्रोटीन, ओमेगा 3 फैटी एसिड्स और महत्वूपर्ण खनिज का अद्भुत स्रोत हैं. बेहतर लाभ के लिए इन्हें रात भर पानी में भिगो कर सुबह लें. ये आपकी सेहत को कई तरह फायदा पहुंचाएंगे.
गाजर
सर्दियों में खूब मिलने वाली गाजर में बीटा कैरोटीन होता है. शरीर इसे विटामिन ए में तब्दील कर देता है और यह विटामिन शरीर की प्रतिरोधक प्रणाली के लिए, संकम्रण से बचाने के लिए और फेफड़ों को स्वस्थ रखकर सांस की बीमारियों के खतरे को कम करने में मददगार होता है. साथ ही यह त्वचा पर उम्र के असर को कम करने के लिए भी एक बेहतरीन खाद्य पदार्थ है.
लहसुन
लहसुन खाने के स्वाद को बढ़ाने के साथ ही कई स्वास्थ्यवर्धक गुणों से भरपूर है. यह कम कैलोरी युक्त होने के साथ ही फाइटोन्यूट्रिएंट एनिथोल से भरपूर होता है, जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.
चुकंदर
चुकंदर में लाभवर्धक फाइटोकेमिकल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं जो स्वस्थ कोशिकाओं और उनके डीएनए को नुकसान पहुंचाने वाले मुक्त कणों से लड़ने में मदद करते हैं. इनकी वजह से बॉडी की इम्युनिटी भी मजबूत होती है, जिससे इसे इंफेक्शन आदि से लड़ने में मदद मिलती है.

गर्म पानी से नहाने से कई तरह की त्वचा संबंधी बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है

ठंड का मौसम शुरू होने के साथ ही हम गर्म पानी से नहाना शुरू कर देते हैं. पर शायद ही आपने ध्यान दिया हो लेकिन गर्म पानी से नहाने के बाद आपको अपनी त्वचा ज्यादा ड्राई और बुझी-बुझी नजर आती होगी. जानकारों की मानें तो गर्म पानी से नहाने से कई तरह की त्वचा संबंधी बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है. सर्दी के मौसम में ठंडे पानी से नहाना तो संभव नहीं है लेकिन बहुत अधिक गर्म पानी से नहाना भी सही नहीं है. ऐसे में हल्के गुनगुने पानी का ही इस्तेमाल करें. इससे खारिश नहीं होगी और त्वचा का नेचुरल मॉइश्चर भी बना रहेगा.
ठंड के मौसम में खारिश हो जाना एक आम समस्या है. कई बार तो ये इतनी बढ़ जाती है कि घाव का रूप ले लेती है. पर आप चाहें तो नहाने के पानी में ऑलिव ऑयल या नारियल के तेल की कुछ बूंदें डालकर इससे नहा सकते हैं. तेल की दो से चार बूंदों का पानी में इस्तेमाल करने से त्वचा की नमी खोती नहीं है और यह रूखी व बेजान नहीं होती.इसके अलावा गर्म पानी से नहाने के बाद पोर्स काफी संवेदनशील हो जाते हैं जिससे इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है. अगर पानी बहुत अधि‍क गर्म है अौर वातावरण ठंडा तो शरीर पर लाल रंग के चकत्ते भी उभर सकते हैं. जिनमें काफी खुजली होती है. इसलिए कोशि‍श करें कि नहाए तो रोज लेकिन बहुत गर्म पानी से नहीं, गुनगुने पानी से.

हरे प्याज खाने के बेमिसाल फायदे,स्प्रिंग अनियन Benefits Of Spring Onion

हरे पत्तेदार प्याज को आम बोलचाल की भाषा में स्प्रिंग अनियन के नाम से जाना जाता है. मुख्य रूप से इस प्याज का इस्तेमाल गार्निश करने के लिए या सलाद के तौर पर किया जाता है.इसके थोड़े से इस्तेमाल से व्यंजन का स्वाद दोगुना हो जाता है. कई लोग इसका इस्तेमाल खाने की सुगंध बढ़ाने के लिए भी करते हैं. स्‍प्रिंग अनियन मुख्य रूप से सफेद रंग के होते हैं लेकिन कई जगहों पर ये लाल और पीले रंग में भी मिलते हैं.
चीन में इसका इस्तेमाल दवा के रूप में किया जाता है. इसमें बेहद कम मात्रा में कैलोरी होती है, साथ ही ये विटामिन से भरपूर भी होते हैं.हरे प्याज में विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन बी2 भरपूर पाए जाते हैं. इसके अलावा ये थायमीन और विटामिन के का भी एक अच्छा स्त्रोत है.  विटामिन के साथ-साथ इसमें कॉपर, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, पोटैशियम, क्रोमियम और मैगनीज जैसे स्वस्थ्य के लिए आवश्यक लवण भी पाए जाते हैं. इसमें मौजूद फाइबर शरीर को और बेहतर तरीके से पोषण देने का काम करते हैं.इसके साथ ही इसमें पैक्ट‍िन की भी मात्रा उपलब्ध होती है जो विभिन्न प्रकार के कैंसर से बचाव में सहयक है. सेहत के लिए आवश्यक बहुत सारे विटामिन, लवण और दूसरे पोषक यौगिकों से पूर्ण स्प्रिंग अनियन एक सेहतमंद विकल्प है.

जानिए, हरे प्याज खाने के बेमिसाल फायदे:
1. दिल के लिए बेहतरीन
इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट डीएनए को नुकसान पहुंचने से रोकते हैं. इसमें पाया जाने वाला विटामिन सी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने का काम करता है जिससे दिल से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा कुछ कम हो जाता है. इसके अलावा सल्फर धमनियों से जुड़ी समस्याओं से बचाव में सहायक साबित होता है.
2. श्वसन प्रक्रिया के लिए
सर्दी-जुकाम में राहत के लिए स्प्रिंग अनियन का इस्तेमाल करना बहुत फायदेमंद होता है. ये श्वसन प्रक्रिया को बेहतर बनाता है.
3. ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में सहयक
हाल में हुए एक अध्ययन के मुताबिक, हरे प्याज में मिलने वाला सल्फर ब्लड प्रेशर को कम करने में सहायक होता है. ये इंसुलिन के स्तर को संतुुलित बनाए रखता है.
4. हड्डियों के लिए
स्प्रिंग अनियन में विटामिन सी और के पर्याप्त मात्रा में होते हैं. ये हड्ड‍ियों की क्रियाशीलता को बनाए रखने के लिए भी फायदेमंद हैं.
5. कैंसर के खतरे को कम करने में सहायक
हरे प्याज में पर्याप्त मात्रा में सल्फर पाया जाता है. इसके सेवन से विभिन्न प्रकार के कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है.
6. संक्रमण से राहत के लिए
स्प्रिंग अनियन में पाया जाने वाला सल्फर फंगस और दूसरे संक्रमण को होने से रोकता है. रक्त का थक्का जमाने के लिए भी आवश्यक विटामिन के इसमें भरपूर मात्रा में होता है.

नीम के तेल का इस्तेमाल

बहुत सी आयुर्वेदिक मेडिसिन और ब्यूटी प्रोडक्ट्स में नीम के तेल का इस्तेमाल होता है. 
 
  1. त्वचा की नमी बनाए रखने और एजिंग से बचने के लिए अपने फेसपैक में कुछ बूंदे नीम के तेल की मिक्स कर दें. 
  2. इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए काढ़े में भी नीम के तेल की कुछ बूंदे डालकर पी सकते हैं. 
  3. मच्छरों की बाइट से बचने के लिए भी नीम का तेल कारगर हैं. नीम के तेल को त्वचा पर लगाने से मच्छर नहीं काटते. 
  4. दो से तीन नीम के तेल की बूदों को पानी में मिलाकर मुंहासों पर लगाओं. रोजाना ऐसा करने से ना सिर्फ मुंहासे दूर भागेंगे बल्कि दोबारा मुं‍हासे भी नहीं होंगे.   त्वचा पर होने वाली खुजली और रेशिश को मिटाने के लिए नीम के तेल में सीसेम ऑयल मिलाकर लगाने से त्वचा संबंधी जलन और अन्य समस्याओं से निजात मिलेगी. 
  5. हेयर और स्किन डिस्ऑर्डर या फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए नीम का तेल बहुत लाभदायक हैं. 
  6. यूरिन इंफेक्शन के इलाज करने में भी नीम के तेल का इस्तेमाल किया जाता है. 
  7. नीम के तेल में नारियल तेल मिलाकर लगाने से बालों की डेंड्रफ दूर कर सकते हैं.
 
 
 
 

त्वचा का रंग निखारने के लिए घरेलू नुस्खों का उपयोग

कई बार ज्यादा कॉस्मेटिक्स यूज करने से स्किन का कलर ज्यादा डार्क हो जाता है। ऐसे में रंगत निखारने के लिए कॉस्मेटिक्स की जगह घरेलू नुस्खों का उपयोग करेंगे तो सांवलापन कम हो जाएगा और चेहरा चमकने लगेगा। आज हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे ही घरेलू नुस्खों के बारे में जिन्हें अपनाने से रंग निखरने लगता है-
1. एक बाल्टी ठण्डे या गुनगुने पानी में दो नींबू का रस मिलाकर कुछ महीने तक नहाने से त्वचा का रंग निखरने लगता है। (इस विधि को करने से त्वचा से संबंधित कई रोग ठीक हो जाते हैं)।

2. आंवले का मुरब्बा रोज एक नग खाने से दो तीन महीने में ही रंग निखरने लगते है।
 3. इमली के गुदे को त्वचा पर लगाकर कुछ देर रखें और फिर चेहरा धो लें। रंग निखरने लगेगा।

4. एक छोटा चम्मच शहद लें, उसमें उतना ही पानी मिलाएं। इस मिश्रण को चेहरे पर लगाएं। पंद्रह मिनट बाद चेहरा धो लें।

5. दो छोटे चम्मच बेसन में आधा छोटी चम्मच हल्दी मिलाएं। फिर इस लेप में दस बूंद गुलाब जल व दस बूंद नींबू मिलाकर खूब फेंटे। नहाने से पहले इस लेप को चेहरे पर मलें। आधे घंटे बाद चेहरा धो लें।

6. कोहनियों का कालापन साफ करने के लिए गुलाब जल व ग्लिसरीन में नींबू रस मिलाकर लोशन तैयार करें। इस लोशन को पांच मिनट तक धूप में रखें। रोज इस मिश्रण को कोहनियों पर मलें।
 7. आधा गिलास गाजर का रस सुबह खाली पेट लेने से एक महीने में रंग निखरने लगता है।

8. मुल्तानी मिट्टी में गुलाब जल मिलाकर लगाने से रंगत निखरने लगती है।

9. एक चम्मच शहद व एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाएं। त्वचा निखर जाएगी।

10. एक चम्मच नींबू के रस में थोड़ा सा मूंगफली का तेल मिलाकर लगाएं। कुछ देर लगा रहने दें फिर साफ कर लें। रंग साफ होगा और चेहरा चमकने लगेगा।

सांसों में बदबू की समस्या

सांसों में बदबू की समस्या अक्सर दूसरों के सामने शर्मिंदगी का कारण बन सकती है। जिसके पीछे ब्रेकफास्ट न करना, मुंह की सफाई न करना, खराब डाइजेशन और सलाइवा की कमी जैसी कई समस्याएं होती हैं। इसे खानपान में सुधार करके काफी हद तक कम किया जा सकता है। जानेंगे इनके बारे में..
पानी
भरपूर मात्रा में पानी पीकर मुंह से बदबू आने की समस्या को दूर किया जा सकता है। दिन में 7-8 गिलास पानी पिएं और साथ ही गुनगुने पानी से गारगल भी करें। डिहाइड्रेशन की वजह से मुंह के बैक्टीरिया एक्टिव हो जाते हैं जो सांसों की दुर्गंध की वजह बनते हैं।
विटामिन सी फूड्स
विटामिन सी से भरपूर चीजों को डाइट में शामिल करें। संतरा, नींबू, कीवी जैसे खट्टे फल मुंह की बदबू को दूर करने के कारगर इलाज हैं। विटामिन सी बैक्टीरिया का खात्मा करता है। जो सांसों की बदबू के लिए जिम्मेदार होते हैं।
 
सेब
सेब को दांतों से काटकर खाने से मुंह की बदबू से छुटकारा पाया जा सकता है। ये सलाइवा के सेकरेशन को बढ़ाता है जो मुंह से आने वाली बदबू के लिए जिम्मेदार बैक्टीरिया के बढ़ते ग्रोथ को रोकता है।
दालचीनी चाय
इसका एंटी बैक्टीरियल तत्व मुंह के बैड बैक्टीरिया से लडने का काम करता है। सांसों से आने वाली बदबू को जल्द दूर करने के लिए दालचीनी की चाय का दिन में 2-3 बार इस्तेमाल करना चाहिए।
 
पुदीना
पुदीना का कूल और फ्रेश फ्लेवर मुंह से आने वाली बदबू को दूर करने का सबसे असरदार इलाज है। पुदीने के पत्तों को कच्चा चबाएं या इसे डिश और ड्रिंक में मिलाकर पिएं। हर तरीके से ये फायदेमंद होती है।
लौंग
लौंग ओरल हेल्थ को मेंटेन रखती है। दांतों में दर्द की समस्या हो या पीलेपन की, लौंग को चबाकर बदबू से राहत पाई जा सकती है। कच्चा खाने के अलावा इसे खाने में मिक्स करके भी खाया जा सकता है।
 
सौंफ
खाने के बाद सही डाइजेशन के लिए सौंफ खाने का रिवाज काफी पुराना है और मुंह से आने वाली बदबू के पीछे खराब डाइजेशन भी एक बड़ी वजह होती है। जिसे सौंफ खाकर काफी हद तक कम किया जा सकता है।
इलायची
सांसों में आ रही खतरनाक बदबू को दूर करने के लिए इलायची खाना भी एक अच्छा ऑप्शन है। इसे कच्चा चबाया जा सकता है साथ ही किसी डिश को बनाते वक्त भी उसमें मिक्स किया जा सकता है। इलायची वाली चाय पीना भी फायदेमंद होता है।

आंखों से जुड़ी समस्याओं से बचने के लिए खाना चाहिए।

कम्प्यूटर पर घंटों काम या देर तक पढ़ाई के दौरान आंखें सिर्फ थक ही नहीं जाती हैं, बल्कि स्ट्रेस का असर उनकी रोशनी पर भी पड़ सकता है। ऐसे में अगर अपने चेहरे का चार्म मोटे चश्मे से नहीं खराब करना चाहते हैं तो आंखों की ठीक से देखभाल करना बहुत जरूरी है। आंखों को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन और पोषक तत्वों से भरपूर चीजों का सेवन करना चाहिए, क्योंकि सही आहार व सही देखभाल से आंखें उम्र भर स्वस्थ रहती हैं। चलिए आज जानते हैं कुछ ऐसी ही चीजों के बारे में जिनके नियमित सेवन से चश्मा नहीं लगता और आंखें स्वस्थ रहती हैं
1. हरी सब्जियां होती है फायदेमंद
आंखों को सेहतमंद बनाए रखने के लिए। फलों और हरे पत्तों वाली सब्जियों का सेवन बहुत जरूरी है। इनके सेवन से शरीर को केरोटीनाइड मिलता है, जो कि आंखों की पुतली को हमेशा स्वस्थ बनाए रखता है।

2. विटामिन से भरपूर चीजें
विटामिन ए, बी, सी और ई युक्त चीजों का सेवन बहुत जरूरी है। इन विटामिन का सेवन करने से आंखें स्वस्थ रहती हैं व मोतियाबिंद की बीमारी हमेशा दूर रहती है।
 
3. जिंक युक्त चीजों का सेवन
आंखों से जुड़ी समस्याओं से बचने के लिए जिंक युक्त चीजें जरूर खाना चाहिए। मूंगफली, दही, डार्क चॉकलेट, तिल व कोको पाउडर आदि मेें जिंक भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

4. सल्फर वाली चीजों को खाने में शामिल करें
देखने की क्षमता उम्र भर एक सी बनी रहे। इसके लिए प्याज व लहसुन को अपने खाने में शामिल करना चाहिए। ऐसे ही किसी व्यक्ति को मोतियाबिंद की समस्या हो तो उसे सेलेनियम से भरपूर चीजों का सेवन करना चाहिए।
 
5. सोया मिल्क
सोया मिल्क भी आंखों के लिए बहुत लाभकारी है। इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। साथ ही, इससे विटामिन, फैटी एसिड्स और विटामिन ई भी मिलते हैं,जो कि आंखों की कमजोरी को तुरंत दूर कर देते हैं।

6. फल भी होते हैं लाभदायक
आम, पपीते जैसे फलों में करोटिन पाया जाता है। इनके सेवन से आंखों के नीचे के काले घेरे दूर हो जाते हैं। आंखें हमेशा स्वस्थ रहती हैं।
 
7. सौंफ से भी मिलता है लाभ
सौंफ कई गुणों से भरपूर होती है। इसमें मौजूद औषधीय गुण आंखों के लिए लाभदायक होते हैं। सौंफ और मिश्री को बराबर मात्रा में मिलाकर पीस लें। इसकी एक चम्मच सुबह-शाम दूध के साथ लें। इससे आंखों की कमजोरी दूर होती है और नेत्र ज्योति बढ़ती है।

8. मछली भी आंखों के लिए गुणकारी है
मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड्स होता है। एक ताजा शोध में ये बात सामने आई है कि मछली खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।
 

बेर खाने के फायदे Benifit of JuJube

बेर एक मौसमी फल है. हल्के हरे रंग का यह फल पक जाने के बाद लाल-भूरे रंग का हो जाता है. बेर को चीनी खजूर के नाम से भी जाना जाता है. चीन में इसका इस्तेमाल कई प्रकार की दवाइयों को बनाने में किया जाता है.
बेर में बहुत कम मात्रा में कैलोरी होती है लेकिन ये ऊर्जा का एक बहुत अच्छा स्त्रोत है. इसमें कई प्रकार के पोषक तत्व, विटामिन और लवण पाए जाते हैं. इन पोषक तत्वों के साथ ही ये एंटी-ऑक्सीडेंट के गुणों से भी भरपूर होता है.
सेहत के लिए किस तरह फायदेमंद है बेर?
1. रसीले बेर में कैंसर कोशिकाओं को पनपने से रोकने का गुण पाया जाता है. 

2. अगर आप वजन कम करने के उपाय खोज रहे हैं तो बेर आपके लिए एक अच्छा विकल्प है. इसमें कैलोरी न के बराबर होती है.
3. बेर में पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी, विटामिन ए और पोटैशियम पाया जाता है. ये रोग प्रतिरक्षा तंत्र को बेहतर बनाने का काम करता है.
4. बेर एंटी-ऑक्सीडेंट्स का खजाना है. लीवर से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए भी यह एक फायदेमंद विकल्प है.
5. बेर खाने से त्वचा की चमक लंबे समय तक बरकरार रहती है. इसमें एंटी-एजिंग एजेंट भी पाया जाता है.
6. अगर आप कब्ज की समस्या से जूझ रहे हैं तो बेर खाना आपको फायदा पहुंचा सकता है. यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है.
7. बेर में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम और फाॅस्फोरस पाया जाता है. यह दांतों और हड्ड‍ियों को मजबूत बनाता है.