मेथी के बीज हों या इसके पत्ते, दोनों ही पेट से जुड़ी समस्याओं को
दूर करने में कारगर हैं। यहां तक कि कई तरह की दवाइयां बनाने में भी इनका
इस्तेमाल किया जाता है। सिर्फ डाइजेशन के लिए ही नहीं, बल्कि मेथी खाना
स्किन और बालों के लिए भी अच्छा होता है। लेकिन प्रेग्नेंसी में इसे खाना
खतरनाक हो सकता है।
गैस की समस्या दूर
मेथी के पत्ते लिवर के फंक्शन को सही रखने के साथ डिसपेप्सिया की
समस्या से छुटकारा दिलाते हैं। गैस की प्रॉब्लम से लगातार परेशान हैं तो
खाने में मेथी के पत्ते शामिल करें। इतना ही नहीं डायरिया और डिसेंट्री का
भी बेहतरीन इलाज है मेथी खाना। मेथी, आंतों को डिटॉक्स करने का भी काम करती
है। किसी प्रकार की एलर्जी हो या सांसों लेने में परेशानी, सभी प्रकार के
रोग इससे दूर हो जाते हैं।
Other benefits: कोलेस्ट्रॉल लेवल बैलेंस, डायबिटीज का इलाज,
हार्ट प्रॉब्लम रखें दूर, डाइजेशन बनाएं स्ट्रॉन्ग, मोटापा कम करने में,
एसिडिटी से छुटकारा, बुखार में फायदेमंद, कोलन कैंसर से बचाव, स्किन के लिए
फायदेमंद, पिंपल्स और मुंहासें करे दूर, बालों की प्रॉब्लम करे दूर
Disadvantage
मिसकैरिज और प्रीमैच्योर बर्थ
मिसकैरिज और प्रीमैच्योर बर्थ
कोलेस्ट्रॉल लेवल बैलेंस
मेथी के पत्ते ब्लड वेसेल्स में होने वाले कन्जेशन को भी दूर करते
हैं। लिपिड के उतार-चढ़ाव की समस्या से परेशान हैं या बढ़ते कोलेस्ट्रॉल
से, मेथी इसका सबसे सही इलाज है। ये एलडीएल, ट्राइग्लेशराइड्स और एचडीएल इन
सभी को बैलेंस करता है। रात भर मेथी के पत्तों को पानी में भिगोकर रख दें
और सुबह इनका पानी निकालकर इसे खाएं।
डायबिटीज का इलाज
मेथी और दालचीनी में पाए जाने वाले तत्व लगभग एक जैसे ही होते हैं।
इनका एंटी-डायबिटीक तत्व बॉडी में ग्लूकोज के लेवल को बढ़ने नहीं देता।
इसलिए मेथी के पत्तों को खाना टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद
होता है।
हार्ट प्रॉब्लम रखें दूर
मेथी में मौजूद ग्लेक्टोमेनन, हार्ट को हेल्दी रखने का काम करता है।
साथ ही इसमें पोटैशियम की भी अच्छी-खासी मात्रा मौजूद होती है जो हार्ट रेट
और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करती है जिससे हाई और लो बीपी की शिकायत नहीं
होती।
डाइजेशन बनाएं स्ट्रॉन्ग
मेथी के बीज और पत्ते फाइबर और एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं जिसे
खाने से शरीर के अंदर मौजूद गंदगी को आसानी से बाहर निकाला जा सकता है।
पेट दर्द या डाइजेशन खराब होने पर मेथी के पत्तों को चाय में मिलाकर पिएं,
आराम मिलेगा। इसके साथ ही पत्तों को रातभर पानी में भिगोकर सुबह इसका पानी
पीने से कब्ज की समस्या नहीं होती।
मोटापा कम करने में
एक्सरसाइज और खानपान में सावधानी बरतने के बावजूद मोटापा कंट्रोल नहीं
हो रहा तो सुबह खाली पेट मेथी के बीजों को खाना शुरू करें। इसका फाइबर
तत्व पेट भरे होने का अहसास दिलाता है जिससे खाने का मन नहीं करता और इसके
चलते मोटापा धीरे-धीरे कम होते जाता है।
एसिडिटी और सीने में जलन से छुटकारा
बहुत ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना खाना अक्सर एसिडिटी की वजह
बनता है जिससे राहत दिलाने में मेथी का इस्तेमाल फायदेमंद होता है। इसके
लिए मेथी के पत्तों को थोड़ी देर के लिए पानी में भिगोने के बाद इसका
इस्तेमाल करें।
बुखार में फायदेमंद
एक चम्मच मेथी को नींबू और शहद के साथ खाएं जिससे बॉडी को अंदरूनी
न्यूट्रिशन मिलता है और बुखार में आराम मिलता है। कफ और गले दर्द की समस्या
में भी मेथी खाना फायदेमंद होता है।
कोलन कैंसर से बचाव
जितना हो सके मेथी के पत्तों और इसके बीजों को डाइट में शामिल करें
क्योंकि इसका फाइबर तत्व बॉडी को डिटॉक्स करने का काम करता है। जिससे कोलन
कैंसर के होने की संभावना काफी कम रहती है।
स्किन के लिए फायदेमंद
विटामिन सी बहुत ही अच्छा एंटी-ऑक्सीडेंट होता है इसके साथ ही इसका
एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण कई प्रकार के स्किन प्रॉब्लम्स से निपटने में कारगर
होता है। दाग-धब्बों को दूर करके चेहरे की रंगत निखारता है। सूजन की समस्या
होने पर मेथी को भिगोकर किसी कपड़े में बांध दे और सूजन वाली जगह पर
लगाएं।
पिंपल्स और मुंहासें करे दूर
मेथी को फेसपैक में इस्तेमाल करके चेहरे पर होने वाले
पिंपल्स-मुंहासों, रिंकल्स और ब्लैकहेड्स से बचाया जा सकता है। इसके लिए
मेथी को पत्तों को पानी के साथ उबालकर उससे चेहरे को धोएं। इसके अलावा मेथी
के पत्तों का पेस्ट बनाकर लगभग 20 मिनट तक चेहरे पर लगाकर रखें। चेहरे पर
एक अलग ही चमक नजर आएगी।
बालों की प्रॉब्लम करे दूर
डाइट में मेथी के पत्ते को शामिल करें और साथ ही इसका पेस्ट भी बालों
की जड़ों में लगाएं। इससे बालों काले, घने और चमकदार नजर आते हैं। मेथी के
बीजों को रातभर नारियल तेल में भिगोकर रखें और सुबह इससे सिर की मालिश
करें। बहुत ही जल्द असर करता है।
मिसकैरिज और प्रीमैच्योर बर्थ
मेथी का इस्तेमाल प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले लेबर पेन से भी राहत
दिलाता है। लेकिन बहुत ज्यादा खाने से मिसकैरेज और प्री मैच्योर बेबी होने
के भी चांसेज बढ़ जाते हैं। इसलिए इस दौरान मेथी का बहुत ज्यादा इस्तेमाल
करने से बचना चाहिए।
No comments:
Post a Comment