Wednesday, 30 December 2015

घर में कफ सिरप बनाने का तरीका

घर में बने इस कफ सिरप को पीने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे साइड-इफेक्ट की आशंका खत्म हो जाती है. साथ ही यह पूरी तरह नेचुरल होता है तो किसी प्रकार की एलर्जी का भी डर नहीं रहता.
इन दो तरीकों से आप चाहें तो अपना कफ सिरप घर पर ही बना सकते हैं. इन दोनों ही तरीकों के कफ सिरप बनाने के लिए आपको अदरक, शहद, नींबू और ग्ल‍िसरीन की जरूरत पड़ेगी.
अदरक प्राकृतिक रूप से खांसी और सर्दी को दूर करने का काम करती है. इसके अलावा यह गले में अंदर की ओर होने वाली सूजन को दूर करने में भी काफी फायदेमंद रहती है. इसमें पर्याप्त मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं और यह एक बेहतरीन एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल है. 

अदरक में ओलेओरेसिन नाम का एक कम्पाउंड पाया जाता है जो कफ और सर्दी की समस्या को दूर करने का काम करता है.
अदरक के अलावा कफ सिरप बनाने में इस्तेमाल होने वाला शहद भी स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत ही फायदेमंद है. यह गले के लिए किसी वरदान से कम नहीं. यह एक एंटी-ऑक्सीडेंट है और इसमें एंटी-माइक्रोबियल गुण भी पाए जाते हैं जो संक्रमण से सुरक्षा देने का काम करते हैं.
वहीं, नींबू में पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है. एंटी-ऑक्सीडेंट के गुणों से भरपूर नींबू इम्यून पावर को बढ़ाने का काम करता है. इसके अलावा इसमें एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण भी पाए जाते हैं. वहीं ग्ल‍िसरीन एक नेचुरल प्रि‍जरवेटिव है.
कफ सिरप बनाने का तरीका:
इस कफ सिरप को बनाने के लिए आपको अदरक, शहद, दो नींबू और पानी की जरूरत होगी. सबसे पहले अदरक को सफाई से छीलकर छोटे टुकड़ों में काट लें. उसके बाद एक ताजे नींबू को कद्दूकस कर लें. एक गहरे बर्तन में एक कप पानी डालकर उसे गैस पर गर्म होने के लिए रख दें. इसमें आधा कप कटी हुई अदरक डाल दें. साथ ही आधा चम्मच घिसा हुआ नींबू डाल दें.
इस मिश्रण को पांच मिनट तक उबलने के लिए रख दें अौर फिर छान लें. इस घोल में एक कप शहद डालकर इसे हल्की आंच पर रख दें. लेकिन इसे उबालें नहीं. इसके बाद इसमें दो नींबू निचोड़ दें. इसे पूरे मिश्रण को कुछ देर तक धीमी आंच पर पकाने के बाद किसी जार में भरकर रख दें. इस पेय के इस्तेमाल से आपकी कफ और खांसी की समस्या बहुत जल्दी दूर हो जाएगी.
आप चाहें तो अपना सकते हैं ये भी तरीका
इस विधि के लिए भी आपको शहद, नींबू और फूड ग्रेड ग्लिसरीन की आवश्यकता पड़ेगी. सबसे पहले एक-चौथाई ग्लि‍सरीन को एक बड़े बर्तन में डाल लें. इसमें एक चौथाई मात्रा में ही शहद डाल दें. उसके बाद उतनी ही मात्रा में नींबू का रस डालकर मिलाएं. इन तीनों ही चीजों को अच्छी तरह मिला लें. उसके बाद किसी एयर-टाइट जार में डालकर बंद कर दें. दिन में दो से तीन बार तक इसका इस्तेमाल करना फायदेमंद रहेगा. आप चाहें तो इस मिश्रण में अदरक के रस की कुछ मात्रा भी मिला सकते हैं.

काजूCashew Nuts

ड्राई फ्रूट्स में से काजू सबसे अधिक पसंद किया जाने वाला ड्राई फ्रूट है. हालांकि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि काजू खरीद पाना हर किसी के लिए संभव नहीं है लेकिन इसके फायदे वाकई आश्चर्य में डालने वाले हैं.काजू खाने से एक ओर जहां कई तरह की बीमारियां नियंत्रित होती हैं वहीं ये खूबसूरती बढ़ाने का भी काम करता है. पर इसका संयमित इस्तेमाल ही फायदेमंद होता है. इसे खाने से मेटाबॉलिज्म सही रहता है और दिल से जुड़ी कई बीमारियों में राहत मिलती है.काजू में कई महत्वपूर्ण लवण जैसे पोटैशियम, कॉपर, आयरन, मैगनीज, जिंक और सेलेनियम पाया जाता है. इन सभी तत्वों की मौजूदगी के चलते ये स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है.
1. दिल के लिए फायदेमंद
काजू में मोनो सेचुरेटेड फैट पाया जाता है. ये दिल को तंदरुस्त रखने का काम करता है. अच्छी बात ये है कि ये कोलेस्ट्रॉल फ्री होता है.
2. शरीर को ताकत देने का काम करता है
काजू में पाए जाने वाले लवण शरीर को मजबूत बनाने का काम करते हैं. इसमें मौजूद मैग्नीशियम हड्ड‍ियों के लिए बहुत अच्छा होता है. 

3. रूप निखारे के लिए
दूध में या गुलाब जल में काजू को पीसकर त्वचा पर लगाने से त्वचा पर निखार आता है. इसके इस्तेमाल से रंगत गोरी होती है वहीं त्वचा कोमल-मुलायम भी हो जाती है. अगर आप इसका नियमित सेवन करते हैं तो आपके बाल भी अच्छे बने रहेंगे.
4. रक्तचाप को नियंत्रित रखने में सहायक
काजू में सोडियम और पोटैशियम की मात्रा बहुत कम होती है. जिसकी वजह से ब्लड प्रेशर नियंत्रित बना रहता है.
5. दांतों के लिए फायदेमंद
काजू दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखने का काम करता है. इसके नियमित सेवन से दांत ज्यादा वक्त तक मजबूत रहते हैं.
6.इसके अलावा काजू खाने से वजन नियंत्रित रहता है पर इसे नियंत्रित मात्रा में खाना बहुत जरूरी है.

ग्ल‍िसरीन लगाने के फायदेGlycerine

सर्दियां आते ही ज्यादातर लोगों की त्वचा रूखी होने लग जाती है. त्वचा की नमी कहीं खो सी जाती है और त्वचा रूखी-बेजान नजर आने लगती है. त्वचा के साथ ही हमारे होंठ भी फटने शुरू हो जाते हैं. कई बार ये समस्या इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि होंठों से खून भी आना शुरू हो जाता है. ऐसे में बहुत जरूरी है कि हम अपनी त्वचा को लेकर फिक्रमंद रहें ताकि वो हमेशा खूबसूरत और जवां बनी रहे.सर्दियों में त्वचा को ज्यादा से ज्यादा नमी की जरूरत होती है. ऐसे में आप चाहें तो ग्लिसरीन का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह एक नेचुरल लिप बाम भी है. 
कैसे करें ग्ल‍िसरीन का इस्तेमाल:
आप चाहें तो ग्ल‍िसरीन को बाम की तरह लगा सकते हैं. इसके अलावा इसे दूध, शहद या गुलाब जल के साथ मिलाकर भी लगाया जाता है. 

ग्ल‍िसरीन लगाने के फायदे:
1. सर्दियों में शुष्‍क हवाओं के कारण होठ सूख जाते हैं और फटने लग जाते हैं. होठों पर ग्ल‍िसरीन के इस्तेमाल से होंठ मुलायम बनते हैं जिससे फटने की समस्या भी नहीं होने पाती है.
2. अगर आपके होंठों पर दाग-धब्बे हैं और ये काले पड़ चुके हैं तो भी ग्ल‍िसरीन का इस्तेमाल करना फायदेमंद रहता है. कई बार धूम्रपान करने के कारण लोगों के होंठ काले पड़ जाते हैं. ऐसी स्थिति में भी ग्ल‍िसरीन का इस्तेमाल करना फायदेमंद रहता है.
3. सर्दियों में हवाओं के प्रभाव से होंठो की ऊपरी परत सूख जाती है और पपड़ी बन जाती है. ऐसे में ग्लसिरीन का इस्तेमाल करना बहुत फायदेमंद होता है.
4. अगर आपके होंठ कहीं से कट गए हों या फिर अगर उनमें किसी तरह का घाव बन गया हो तो भी ग्ल‍िसरीन का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है.
5. होंठों के लिए ग्ल‍िसरीन एक पोषक तत्व की तरह काम करता है, जिससे होंठों को नमी मिलती है.

डार्क स्पॉट्स Dark Spots

चेहरे पर भी काले दाग-धब्बे हैं? अगर हां तो अब आपको घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि कई ऐसे घरेलू उपाय हैं जिनकी मदद से आप चेहरे की रंगत वापस पा सकते हैं.
कई बार ये डार्क स्पॉट्स बीमारी के चलते हो जाते हैं तो कई बार इसके पीछे कुछ कारण होते हैं. कई बार सूरज की रोशनी के प्रभाव से, हॉमोन्स के अनियमित हो जाने की वजह से, प्रेग्नेंसी की वजह से, बहुत अधिक दवाइयों के सेवन से, विटामिन की अनियमितता की वजह से और कई बार नींद पूरी न हो पाने की वजह से चेहरे पर धब्बे बन जाते हैं. 

1. ओट्स
चेहरे की समस्याओं के लिए ओट्स का इस्तेमाल करना बहुत फायदेमंद होता है. ओट्स के दो चम्म्च पाउडर में नींबू का रस मिलाकर पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को चेहरे पर लगाने से फायदा होगा.
2. नींबू का रस
नींबू के रस में ब्लीचिंग गुण पाया जाता है. जिससे डार्क स्पॉट्स हल्के हो जाते हैं. चेहरे पर नींबू के रस को लगाकर कुछ देर के लिए यूं ही छोड़ दें. इसके बाद चेहरे को हल्के गुनगुने पानी से धो लें. इससे दाग-धब्बे हल्के हो जाएंगे.

3. कच्चा दूध
दूध में लैक्ट‍िक एसिड पाया जाता है. हर रोज दूध के इस्तेमाल से चेहरे पर मौजूद डार्क स्पॉट्स हल्के हो जाते हैं. आप चाहें तो रूई के फाहे को दूध में भिगोकर चेहरे पर हल्के हाथों से लगा सकते हैं. इसके बाद चेहरे को हल्के गुनगुने पानी से साफ कर लें.
4. एलोवेरा
त्वचा की देखभाल के लिए एलोवेरा एक बेहतरीन उपाय है. इसमें मौजूद तत्व एक ओर जहां त्वचा से जुड़ी समस्याओं को दूर करते हैं वहीं ये त्वचा को मॉइश्चराइज करने में भी बहुत कारगर होता है.
5. बादाम
बादाम को पूरी रात के लिए भिंगो दीजिए. उसके बाद सुबह उठकर उसका पेस्ट बना लीजिए. इस पेस्ट में आप चाहें तो चंदन का पाउडर भी मिला सकते हैं. इस पेस्ट को नियमित रूप से चेहरे पर लगाने से फायदा होगा.

घुंघराले बालCurly Hair

बालों की देखभाल के लिए हम कई तरह के उपाय अपनाते हैं और कोशिश करते हैं कि बालों के पोषण में कोई कमी न रहे. पर दुविधा यही है कि बालों की देखभाल का कोई एकमात्र सूत्र तो है नहीं. एक इंसान के बाल दूसरे के बालों से बिल्कुल अलग होते हैं. जो उपाय किसी एक के लिए कारगर हो वो जरूरी नहीं है कि दूसरे के लिए भी हो ही.बालों को धोने से लेकर उन्हें संवारने तक की प्रक्रिया सभी के लिए अलग-अलग होती है. जिस तरह सीधे बाल वालों को लगता है कि घुंघराले बाल होना अच्छा है उसी तरह घुंघराले बाल वाले स्ट्रेट हेयर की ख्वाहिश करते हैं. हालांकि इस बात में कोई दो राय नहीं है कि घुंघराले बालों की देखभाल करना एक बेहद मुश्किल काम है. ऐसे बालों की देखभाल के लिए एक ओर जहां बहुत अधिक धैर्य की जरूरत होती है वहीं अगर कर्ल्स बहुत छोटे-छोटे हों तो मुसीबत दोगुनी हो जाती है.
अगर आपके बाल भी घुघराले हैं तो आपके लिए ये उपाय बेहद कारगर और फायदेमंद साबित हो सकते हैं: 

1. हर रोज बालों को धोएं
घुंघराले बालों को साफ रखने का इसके सिवा दूसरा कोई विकल्प ही नहीं है. ऐसे बालों को साफ रखना और भी जरूरी हो जाता है क्योंकि गंदे होने पर इनके उलझने की आशंका बढ़ जाती है. ऐसे में कोशिश करें कि बालों के गंदा होने से पहले ही आप उन्हें धो लें.
2. बालों में नियमित रूप से तेल लगाना है बेहद जरूरी
ज्यादातर मामलों में देखा गया है कि घुंघराले बाल ड्राई ही होते हैं. ऐसे में उनमें नियमित रूप से तेल लगाना बहुत जरूरी है. ऐसे बालों में तेल लगाने के दौरान विशेष तौर पर ध्यान रखने की जरूरत होती है क्योंकि इनमें तेल आसानी से स्कैल्प तक पहुंच नहीं पाता है और बालों को पर्याप्त पोषण भी नहीं मिल पाता है. ऐसे में घुंघराले बालों को नियमित रूप से तेल मसाज देते रहें.
3. ब्रश करने से बचें
ऐसे बालों में बार-बार ब्रश करना सही नही है. स्ट्रेट बालों में तो आप बार-बार कंघी कर सकते हैं लेकिन घुंघराले बालों में बार-बार कंघी करना नुकसानदेह हो सकता है.
4. हेयर पैक लगाना न भूलें
हेयर पैक लगाने से बाल खूबसूरत मुलायम और चमकदार बन जाते हैं. पर अगर आप बेहतर परिणाम चाहते हैं तो बालों को घरेलू मास्क से पोषित करना फायदेमंद रहेगा. इससे बालों को नुकसान भी कम पहुंचेगा और बाल खूबसूरत भी बनेंगे.
5. कंडिशनर का इस्तेमाल
घुंघराले बालों की देखभाल के लिए बहुत जरूरी है कि आप शैंपू करने के बाद कंडिशनर का इस्तेमाल जरूर करें. इससे कर्ल्स आपस में कम उलझेंगे और नतीजन टूटेंगे भी कम.
6. जब बाल हल्के गीले हों तभी सुलझा लें
एक ओर जहां स्ट्रेट बालों के लिए सलाह दी जाती है कि जब वो गीले हों तो उन्हें कंघी करना सही नहीं होता. पर घुंघराले बालों के साथ ऐसा नहीं है. अगर आपके बाल घुंघराले हैं तो उन्हें हल्का गीला होने पर ही कंघी कर लीजिए. इससे बाल कम उलझेंगे और टूटेंगे भी कम.
7. आसान हेयर स्टाइल अपनाएं
घुंघराले बाल अपने आप में ही किसी स्टाइल से कम नहीं होते हैं. ऐसे में बहुत अधिक घुमावदार और मुश्क‍िल हेयर-स्टाइल बनाना आपके बालों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है.

नाशपाती के फायदे,Health Benefits Of Pears

नाशपाती एक मौसमी फल है. यह देखने में काफी हद तक हरे सेब जैसा लगता है. खाने में मीठा नाशपाती मोटे छिलके वाला होता है.नाशपाती को हमारे यहां सिर्फ एक फल के तौर पर देखा जाता है लेकिल इसके पोषक तत्वों के बारे में कोई विशेष जानकारी न होने की वजह से यह आज भी बहुत अधिक प्रचलित नहीं है. पर आपको ये जानकर हैरानी होगी कि नाशपाती के फायदे किसी भी अन्य फल की तुलना में कम नहीं है:
1. नाशपाती में फाइबर का खजाना होता है. फाइबर की वजह से पाचन तंत्र मजबूत बनता है. इसमें मिलने वाला पैक्ट‍िन नामक तत्व कब्ज के लिए रामबाण उपाय है.
2. नाशपाती में प्रचुर मात्रा में आयरन पाया जाता है, जो हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता है. अगर कोई एनीमिया से पीड़ित हो तो उसे प्रचुर मात्रा में नाशपाती का सेवन करना चाहिए.
3. नाशपाती में कुछ ऐसे यौगिक पाए जाते हैं जो बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने का काम करते हैं. बैड कोलेस्ट्रॉल की वजह से शरीर कई बीमारियों का घर बन जाता है.
 4. नाशपाती में एंटी ऑक्सीडेंट और विटामिन सी की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जिसकी वजह से रोग प्रतिरक्षा प्रणाली बेहतर बनती है और शरीर को विभिन्न रोगों से लड़ने की ताकत मिलती है.
5. अगर आपको हड्ड‍ियों से जुड़ी कोई समस्या है तो नाशपाती का सेवन आपके लिए फायदेमंद रहेगा. इसमें बोरॉन नामक रासायनिक तत्व पाया जाता है जो कैल्शियम लेवल को बनाए रखने में कारगर होता है.
6.इसके अलावा नाशपाती का सेवन करने से त्वचा पर चम‍क आती है और साथ ही इससे बॉडी को एनर्जी भी मिलती है.

रूसी की समस्या से जूझ रहे हैं तो मेंहदी के इन उपायों को अपना सकते हैंBenefits Of Henna

बालों से जुड़ी ज्यादातर समस्याओं के लिए हम मेंहदी पर ही भरोसा करते हैं. सफेद बालों के लिए, रूखे बालों के लिए और यहां तक की दोमुंहें बालों की समस्या को दूर करने के लिए भी मेंहदी का इस्तेमाल किया जाता है. बालों की खूबसूरती बरकरार रखने और उन्हें स्वस्थ बनाए रखने के लिए भी मेंहदी सबसे भरोसेमंद मानी जाती है.
मेंहदी एक नेचुरल उत्पाद है जो बालों को पोषित करने का काम करता है साथ ही इसके नियमित इस्तेमाल से बाल घने-मुलायम और लंबे होते हैं. इसके पैक लगाने से बालों में एक कुदरती चमक आती है. यूं तो बाजार में कई तरह के हेयर कलर मौजूद हैं लेकिन ये एक नेचुरल हेयर कलर है. ये स्कैल्प का पीएच लेवल संतुलित बनाए रखने का काम करता है. यानी यह न बालों को तैलीय होने देती है और न उनको रूखा व बेजान. इसके साथ ही अगर आपके बालों में रूसी की समस्या है तो इसे भी हटाने के लिए मेंहदी लगाना एक कारगर उपाय है. गर्मियों में मेंहदी का इस्तेमाल करना और भी अधिक फायदेमंद होता है क्योंकि इसके इस्तेमाल से सिर को ठंडक भी मिलती है.
आप मेंहदी का इस्तेमाल किस तरह से करना पसंद करते हैं, ये पूरी तरह आप पर निर्भर करता है. लेकिन अगर आप रूसी की समस्या से जूझ रहे हैं तो मेंहदी के इन उपायों को अपना सकते हैं:
1. अंडा, जैतून का तेल और मेंहदी पाउडर
अंडे के सफेद भाग, जैतून के तेल और मेंहदी पाउडर के इस्तेमाल से रूसी की समस्या बहुत जल्दी समाप्त हो जाती है. इन तीनों चीजों को आपस में अच्छी तरह मिला लें. इस पेस्ट को स्कैल्प पर अच्छी तरह से लगा लें. 30 मिनट तक इस पेस्ट को यूं ही लगा रहने दें और उसके बाद हल्के गुनगुने पानी से बालों को साफ का लें.

2. मेंहदी, दही और नींबू
अगर आपको रूसी दूर करने के साथ ही बालों में चमक भी चाहिए तो ये हेयर-पैक आपके लिए सबसे अच्छा होगा. नींबू के रस में मेंहदी पाउडर को अच्छी तरह से फेंटकर एक पेस्ट बना लें. इस पेस्ट में दही भी मिला लीजिए. कुछ देर के लिए इस पेसट को स्कैल्प पर लगाकर छोड़ दें, उसके बाद हल्के गुनगुने पानी से बालों को साफ कर लें.
3. सरसों के तेल के साथ मेंहदी पाउडर का इस्तेमाल
बालों में रूसी हो जाने पर सरसों के तेल का इस्तेमाल करना बहुत फायदेमंद होता है. जब इसे मेंहदी के साथ मिलाया जाता है तो यह एक बेहतरीन कंडिशनर बन जाता है. इसके इस्तेमाल से बाल मजबूत और स्वस्थ बनते हैं. अगर आप मेंहदी पाउडर की जगह मेंहदी की पत्त‍ियों का इस्तेमाल करें तो और भी बेहतर होगा. आप चाहें तो मेंहदी की पत्तियों को सरसों के तेल में पकाकर उस तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं.

Tuesday, 29 December 2015

रनिंग के दौरान न करें गलतियां

रोज एक्सरसाइज और रनिंग करना अच्छा है, लेकिन अगर इन्हें भी सही तरह से नहीं किया गया तो ये बॉडी को कई बार फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा देते हैं। वजन कम करने से लेकर कोलेस्ट्रॉल और हेल्दी तक के लिए रनिंग है बेस्ट। बस इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी है। जानते हैं इनके बारे में...
गलत जूते
रनिंग के लिए सबसे पहले जरूरी है कि सही प्रकार के जूतों का चुनाव करना। गलत जूते कई बार चोट व मोच की वजह बन सकते हैं। इनसे न केवल बाहरी बल्कि पैरों से शरीर के निचले हिस्से में भी प्रॉब्लम्स हो सकती है। इसके लिए अब कई कंपनियां पैरों का पूरा एनालिसिस(जांच) करती हैं और उस हिसाब से कस्टमर को जूते दिए जाते हैं।
वॉर्म अप और स्ट्रेचिंग न करना आजकल के बिजी माहौल में लोग एक्सरसाइज के लिए मुश्किल से समय निकाल पाते हैं। ऐसे में रनिंग के लिए अधिकतर लोग बस घर से निकल पड़ते हैं और दौड़ना शुरु कर देते हैं। यह पूरी तरह से गलत है, इसलिए रनिंग से पहले कम से कम 10 मिनट वॉर्म अप व बॉडी स्ट्रेचिंग
तेज दौड़ना
लोग जब रनिंग करना शुरू करते हैं तो एक सबसे बड़ी गलती ये करते हैं कि वे दौड़ते बहुत तेज हैं। इससे पैर जल्दी दुखते हैं और थक जाते हैं। अगर आप इसे अपने रोज के एक्सरसाइज में शामिल कर रहे हैं तो पहले तेज चलने से शुरू करें और फिर धीरे-धीरे रफ्तार बढ़ाएं। रफ्तार हमेशा वीकेंड्स पर बढ़ाएं, जिससे दर्द आदि हो तो आराम मिल सके।ग करें। इससे अंदरूनी चोट लगने की संभावनाएं भी घटती हैं।
पानी न पीना
कई लोग रनिंग के समय इसलिए पानी नहीं पीते क्योंकि इससे पेट भारी महसूस होता है और दौड़ने में समस्या आती है। मगर ऐसा बिल्कुल न करें। इससे डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। शरीर में 1 प्रतिशत डिहाइड्रेशन के कारण 5 प्रतिशत मेटाबॉलिज्म क्षमता घट जाती है। 30 मिनट की दौड़ के बाद 1 कप के बराबर पानी जरूर पिएं।


how to reduce Alcohol Cravings

1. किसी दूसरे काम में खुद को उलझाने की कोशिश करें
यह बेहद कारगर और भरोसेमंद उपाय है. अगर आपको शराब पीने की तलब महसूस हो रही है तो सबसे पहले खुद को किसी दूसरे काम में उलझाने की कोशिश कीजिए. आप चाहें तो पास के ही किसी पार्क में टहलने जा सकते हैं, किताब पढ़ सकते हैं या फिर व्यायाम का सहारा ले सकते हैं.
2. अपनों के साथ वक्त बिताएं
शराब की लत छोड़ने के लिए अगर आप अपनों की मदद लें तो और भी अच्छा रहेगा. जब भी आपको शराब पीने की लत महसूस हो अपनों के बीच बैठ जाइए और उनके साथ समय बिताने की कोशिश कीजिए. धीरे-धीरे आपका खुद पर काबू बढ़ने लगेगा और आप एक बेहतर जिंदगी की ओर बढ़ चलेंगे.
3. अतिरिक्त मात्रा में शुगर लेकर
कई बार ऐसा भी होता है कि लोगों को शराब की तलब और शु्गर खाने की इच्छा के बीच अंतर ही नहीं समझ आता है. ऐसे में अगर आपको शराब पीने की लत महसूस हो रही हो तो आप किसी शुगर ड्रिंक का भी सहारा ले सकते हैं.
4. निश्च‍ित अंतराल पर खाना
इस तरह की समस्या से जूझने वाले ज्यादातर लोगों का कहना है कि जब वे भूखे होते हैं तो उन्हें शराब पीने की तलब ज्यादा महसूस होती है. ऐसे में इससे पहले कि शराब पीने की लत आप पर हावी हो, कोशि‍श कीजिए कि आपका पेट कभी भी खाली नहीं होने पाए. इसके अलावा प्रतिदिन के हिसाब से 6 से 8 गिलास पानी पीना भी बहुत जरूरी है.

चिरौंजी खाने के फायदेBenefits Of Charoli



मीठी चीजों में खासतौर पर इस्तेमाल होने वाली चिरौंजी में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. चिरौंजी में प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है. इसके अलावा इसमें विटामिन सी और बी भी पर्याप्त मात्रा में होता है. वहीं इससे निर्मित तेल में अमीनो एसि‍ड और स्टीएरिक एसि‍ड भी पाया जाता है.
 इससे होने वाले स्वास्थ्य लाभ वाकई बेजोड़ हैं.
1. चिरौंजी में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है. कुछ मात्रा में इसके सेवन से शरीर की प्रोटीन की आवश्यकता पूरी हो जाती है. आप चाहें तो इसे कच्चे रूप में भी खा सकते हैं या फिर किसी भी स्वीट डिश के साथ पकाकर ले सकते हैं.
2. किसी को शारीरिक कमजोरी हो तो उसके लिए चिरौंजी खाना बहुत फायदेमंद होता है. यह शारीरिक कमजोरी को दूर करने के साथ ही क्षमता का विकास भी करता है.
3. सर्दी-जुकाम में भी इसका सेवन फायदेमंद होता है. इसे दूध के साथ पकाकर प्रयोग में लाने से इस तकलीफ में फायदा होता है.
4. चिरौंजी एक बहुत ही कारगर सौंदर्य उत्पाद है. इसके इस्तेमाल से चेहरे पर चमक आती है और कील-मुंहासे साफ हो जाते हैं. अगर आपके चेहरे पर दाग हैं तो इसे पीसकर प्रभावित जगह पर लगाने से चेहरा बेदाग हो जाता है.
5. अगर आपकी रंगत गहरी है तो भी आप इसके पेस्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं.

लकड़ी की कंघी इस्तेमाल करने के फायदेBenefits Of Wooden Comb

सालों पहले बाल संवारने के लिए लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल किया जाता था और शायद यही वजह थी कि तब लोगों के बाल कहीं अधिक खूबसूरत हुआ करते थे.आपको शायद यकीन न हो लेकिन लकड़ी की कंघी से बाल संवारने पर बाल कम झड़ते हैं और डैंड्रफ भी नहीं होता है. इसके अलावा लकड़ी की कंघी के इस्तेमाल से सिर दर्द भी दूर हो जाता है.
लकड़ी की कंघी इस्तेमाल करने के ये फायदे आपको हैरत में डाल देंगे:
1. लकड़ी की कंघी स्कैल्प के लिए बहुत अच्छी होती है. इससे बाल संवारने पर स्कैल्प में ब्लड-सर्कुलेशन बढ़ता है और बालों की ग्रोथ बेहतर होती है.
2. लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करने से बालों की ग्रोथ पर सकारात्मक असर पड़ता है. इससे बालों कीक्वालिटी भी बेहतर होती है. इस कंघी के इस्तेमाल से बालों की जड़ें मजबूत होती हैं जिसके चलते बालों का झड़ना कम होता है. 

3. लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करने से बालों को कोई नुकसान नहीं होता. विशेषज्ञों की मानें तो किसी भी दूसरी कंघी के इस्तेमाल से बाल या तो बीच से टूट जाते हैं या फिर उनकी चमक चली जाती है लेकिन लकड़ी की कंघी के इस्तेमाल से न तो बाल बीच से टूटते हैं और न ही उनकी चमक फीकी पड़ती है.

4. अगर आपके बालों में बहुत अधिक रूसी है तो आपके लिए इस कंघी का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद होगा. लकड़ी की कंघी के इस्तेमाल से ऑयल ग्लैंड्स खुल जाते हैं जिसकी वजह से स्कैल्प ड्राई नहीं होती और रूसी की समस्या से भी राहत मिलती है.

5. कई लोग की स्कैल्प बहुत ज्यादा सेंसटिव होती है. ऐसे लोगों के लिए लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करना बहुत फायदेमंद रहता है.

इसके अलावा कई लकड़ियां ऐसी होती हैं (जैसे नीम) जिनके इस्तेमाल से सिर दर्द भी दूर हो जाता है. कंघी करने के दौरान लकड़ी का अर्क स्कैल्प के माध्यम से शरीर को मिलता है जिससे सिर दर्द जैसी समस्या में भी राहत मिलती है.

Monday, 28 December 2015

खांसी दूर करने के कारगर घरेलू उपाय

सूखी खांसी जहां गले के दर्द का कारण तो वहीं कफ वाली खांसी सांस की परेशानियों की कारण बन सकती है। कफ सिरफ लेना भले ही इसका असरदार इलाज हो सकता है लेकिन हेल्थ के लिए सही नहीं। इसके लिए पहले घरेलू नुस्खे अपनाएं...
खांसी दूर करने के कारगर घरेलू उपाय
अदरक
अदरक के टुकड़ों को शहद के साथ मिलाकर चबाएं। इसके अलावा अदरक का जूस निकालकर उसमें शहद की कुछ बूंदे मिलाकर पीना भी बहुत ही फायदेमंद रहेगा।
शहद
सिर्फ शहद चाटना भी खांसी दूर करने का कारगर फॉर्मूला है। रात को सोने से पहले 1 चम्मच शहद पिएं। इसकी एंटी-बैक्टीरियल तत्व खांसी से जल्द राहत दिलाता है।
 
हल्दी
रोजाना दिनभर में एक गिलास हल्दी वाला दूध पिएं। पानी में हल्दी, अजवाइन, काली मिर्च, दालचीनी और नमक एक साथ उबालें और हल्का गुनगुना होने पर इसे पिएं। हल्दी का एंटी-बैक्टीरियल गुण बहुत जल्द आराम दिलाता है।
लहसुन
लहसुन की कलियों को कच्चा चबाएं या इसे पानी में उबालकर काढ़े के रूप में इसका इस्तेमाल करें। दोनों ही तरीकों से यह फायदेमंद है। कड़वेपन को दूर करने के लिए इसमें स्वादानुसार शहद की मात्रा मिलाई जा सकती है।
 
तुलसी
तुलसी के पत्ते कई प्रकार की बीमारियों को दूर करते हैं। खांसी के साथ ही सर्दी-जुकाम की समस्या भी बनी हुई है तो लहसुन, अदरक, काली मिर्च, अजवाइन और तुलसी की पत्तियों को एक साथ उबालकर इसका काढ़ा बनाएं। बहुत ही असरदार इलाज है। यहां तक कि डॉक्टर भी इसे पीने की सलाह देते हैं।
नींबू
नींबू का रस सेहत से लेकर सुंदरता तक को बढ़ाने में बहुत ही फायदेमंद होता है। खांसी की समस्या से बहुत ज्यादा परेशान हैं तो नींबू के रस में हल्का सा शहद मिलाकर दिन में कम से कम 3-4 बार पिएं। बहुत जल्द आराम मिलेगा।
 
नमक वाला पानी
सूखी हो या कफ, दोनों ही प्रकार की खांसी के इलाज में नमक मिला पानी पिएं, साथ ही इससे गारगल भी करें। इसकी गर्माहट मिलने से गले में हो रही परेशानियों दूर होती हैं।
गर्म दूध
रात को सोने से पहले या सुबह नाश्ते के बाद गर्म दूध का इस्तेमाल करें। बलगम वाली खांसी को दूर करने का क्विक फॉर्मूला है। लेकिन इसमें चीनी की मात्रा न मिलाएं। जल्द राहत पाने के लिए हल्दी और शहद का इस्तेमाल करें।
 
काली मिर्च
काली मिर्च को खाना बेशक थोड़ा मुश्किल है लेकिन खांसी से जल्द छुटकारा दिलाने में बहुत ही असरदार होता है। इसे पीसकर घी के साथ भून लें और रोजाना दिन में कम से कम 3-4 बार फांके। साथ ही दूध में मिलाकर भी पिया जा सकता है।
प्याज
खाने में जितना हो सके प्याज का इस्तेमाल करें। साथ की कच्चे प्याज को निचोड़कर इसका रस निकालें और इसमें शहद मिलाकर पिएं। सूखी हो या कफ, हर प्रकार की खांसी दूर होती है।

अंगूर Grapesका रस सेवन से याददाश्त का विकास होता है।

अंगूर को सेहत के लिए लाभदायक माना जाता है, क्योंकि ये पोषक तत्वों से भरपूर फल है। यह शारीरिक बल को बढ़ाने वाला माना जाता है। अंगूर का वानस्पतिक नाम विटिस विनीफेरा है। अंगूर के औषधीय गुणों को देखते हुए कहा जा सकता है कि यह फल रोगियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
100 ग्राम अंगूर में लगभग 85.5 ग्राम पानी,10.2 ग्राम कार्बोहाइड्रेट्स,0.8 ग्राम प्रोटीन,0.1 ग्राम वसा 0.03 ग्राम कैल्शियम, 0.02 ग्राम फॉस्फोरस,0.4 मिलीग्राम आयरन, 50 मिलीग्राम विटामिन,10 मिलीग्राम विटामिन सी, 8.4 मिलीग्राम विटामिन पी,100 से 600 मिलीग्राम टैनिन , 0.72 ग्राम टार्टरिक अम्ल पाया जाता है। इसके अलावा सोडियम क्लोराइड,पोटैशियम क्लोराइड ,पोटाशियम सल्फेट और एल्युमिन व अन्य कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व मौजूद होते हैं। चलिए आज जानते है अंगूर से जुड़े कुछ पारंपरिक नुस्खों के बारे में..
1. डांग गुजरात के आदिवासी मानते है कि रोजाना सुबह और शाम 4-4 चम्मच अंगूर रस भोजन के बाद सेवन किया जाए तो बुद्धि और याददाश्त का विकास होता है।

2. अंगूर शरीर में क्षारीय तत्व को बढ़ा देता है। इसके सेवन से मोटापा,जोड़ों का दर्द, खून का थक्का जमना,दमा और त्वचा पर लाल चकत्ते उभरना आदि परेशानियां दूर हो जाती हैं। अंगूर का सेवन आंत ,लीवर पाचन संबंधित दिक्कतों,खून की उल्टी होना,कब्जियत, मूत्र की बीमारी, अतिसार,कृमी रोग ,टीबी आदि रोगों में विशेष रूप से लाभकारी होता है ।

3. खून की कमी होने पर अंगूर के एक गिलास जूस में दो चम्मच शहद मिलाकर नियमित रूप से पीने पर खून की कमी दूर हो जाती है।
 . एक अध्ययन से पता चला है की अंगूर ब्रेस्ट कैंसर को रोकने में मदद करता है। अंगूर में एंटी कैंसर तत्व उपस्थित होते हैं,जो कि कैंसर की रोकथाम में मददगार साबित होते हैं।
5. रोज सुबह 200 ग्राम अंगूर का रस या ताजे अंगूर खाने से पथरी पेशाब के माध्यम से शरीर से बाहर हो जाती है। डांग के आदिवासी यही फार्मुला माइग्रेन के रोगियों के लिए रामबाण मानते हैं।
6. अंडकोषों (टेस्टीकल्स) की सूजन दूर करने के लिए आदिवासी अंगूर के कुछ पत्तों पर घी चुपड़कर पत्तों को गर्म कर लेते हैं। हल्के गर्म पत्तो से अंडकोषों की सिकाई करते हैं, जिससे सूजन उतर जाती है।

7. पेट की गर्मी शांत करने के लिए 20-25 अंगूर रात को पानी में भिगों दें। सुबह मसल कर निचोड़ें और इस रस में थोड़ी चीनी मिलाकर पिएं, आराम मिलेगा।

8. अंगूर फोड़े-फुंसियों और मुहांसों को सुखाने में सहायता करता है। अंगूर के रस के गरारे करने से मुंह के घावों और छालों में राहत मिलती है।
9. अंगूर और मौसमी के जूस को समान मात्रा में मिलाकर लेने से मासिक धर्म की अनियमितता दूर हो जाती है।

10. लगभग 50 ग्राम अंगूर का रस गर्म करके दमा के रोगी को पिलाएं। इससे रोगी की सांस लेने की गति सामान्य हो जाती है। ऐसा करीब एक माह तक करके जरूर देखा जाना चाहिए।

11. कई आदिवासी अंचलों में बच्चों को दांत निकलते समय अंगूर के रस में शहद डालकर दिया जाता है। ऐसा करने से दांत जल्द निकल आते हैं और दर्द भी कम होता है।

हरी दूब Green Grass



हरी दूब की कोमल पत्तियों को कई सारे रोगों के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है। इसकी ताजी पत्तियों को साबुत खाने के अलावा इसका जूस बनाया जाता है। कड़वे स्वाद वाली ये दूब उल्टी, कफ, कब्ज, प्रेग्नेंसी संबंधी समस्याओं को दूर करती है। एंटीसेप्टिक गुणों वाली दूब घाव भरने में भी कारगर है।
नकसीर का इलाज
गर्मियों में नाक से खून निकलने की समस्या से ज्यादातर लोग परेशान रहते हैं इसे बंद करने में हरी ताजी दूब बेहतरीन होती है। इसे जमीन से निकालकर पानी से धो लें। फिर पीसकर उसका रस निकाल लें। इस रस की 2-2 बूंदें नाक के दोनों छेदों में डालने से नकसीर बंद हो जाती है।

गठिया का इलाज
बढ़ती उम्र में कमजोर हड्डियों वाले शरीर में गठिया रोग होना आम समस्या है। हरी दूब को लेकर इसके पत्तों का रस बनाएं और इस तेल से दर्द वाली जगह पर मालिश करें। जल्द राहत मिलती है।

खुजली का इलाज
गर्मियों में पसीने के चलते और सर्दियों में ड्रॉयनेस की वजह से बॉडी में खुजली होना आम बात है। 2 चम्मच दूब के रस को तिल के 100 ग्राम तेल में मिलाकर खुजली वाले स्थान पर लगाने से खुजली दूर होती है।
मिर्गी का इलाज
10 ग्राम हरी दूब के रस का इस्तेमाल सुबह-शाम करने से मिर्गी रोग में लाभ होता है। स्वादा के लिए इसमें थोड़ी सी शहद की मात्रा मिलाई जा सकती है।

घाव का इलाज
घाव के इलाज में भी दूब बहुत ही असरदार इलाज है। दूब को पीसकर पके हुए फोड़े पर लगाने से फोड़ा आसानी से बिना दर्द के फूट जाता है।

झाइयों का इलाज
बढ़ती उम्र के साथ ही चेहरे पर नजर आने वाली झाइयों को दूर करने के लिए तमाम तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स को इस्तेमाल करने से पहले एक बार हरी दूब को आजमा लें। 40 ग्राम हरी दूब की जड़ का काढ़ा सुबह-शाम पीने से चेहरे की झाइयां आसानी से मिटती हैं।

स्किन प्रॉब्लम्स का इलाज
हरी दूब को हल्दी केसाथ मिलाकर पीस लें और इसका घोल बनाकर लगाने से खाज-खुजली, दाद और स्किन प्रॉब्लम्स में लाभ मिलता है।