Friday, 20 May 2016

किशमिश को पानी में डालकर सुबह पीया जाए तो इसके कई लाभ होते हैं



सूखे मेवे में किशमिश हर किसी को पसंद होती है और इसका मीठा स्वाद हर मिठाई को खास बना देता है. किशमिश खाने के स्वाद को तो बढ़ाती ही है साथ ही यह आपकी सेहत का भी पूरा ध्यान रखती है.

किशमिश को पानी में डालकर अगर 20 मिनट तक उबाला जाए और पानी को रातभर रखने के बाद सुबह पीया जाए तो इसके कई लाभ होते हैं...

1. रोजाना सुबह के समय किशमिश के पानी का नियमित सेवन करने से कब्ज, एसिडिटी और थकान से निजात मिलती है.
2. किशमिश का पानी पीने से कोलेस्ट्रॉल लेवल नॉर्मल हो जाता है. यह आपके शरीर में ट्राईग्लिसेराइड्स के स्तर को कम करने में मददगार है.
3. इसमें फ्लेवेनॉइड्स एंटी ऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो त्वचा पर होने वाली झुर्रियों को तेजी से कम करने में सहायक है.
4. कब्ज या पाचन संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए किशमिश का पानी बेहद लाभदायक पेय है और इसे पीने से पाचन तंत्र भी ठीक हता है.
5. प्रतिदि किशमिश का पानी पीने से लीवर मजबूत रहता है और यह मेटाबॉलिज्म के स्तर को नियंत्रित करने में भी सहायक है.

Friday, 13 May 2016

सिरका का प्रयोग औषधि के रूप में

सब्र का फल मीठा होता है यह तो पता है, परन्तु सिरका एक ऐसे सब्र का नतीजा होता है तो मीठा नहीं बल्कि खट्टा या चटपटा होता है पर साथ ही अति पौष्टिक भी।
भारतीय व्यंजनों में सिरका या खमीर अक्सर दूध से या आचार से जोड़कर ही देखा जाता है। इससे परे विश्व की अनेक भोजन पद्धतियों में सिरके की भूमिका कुछ ज़्यादा देखी जाती है। इन भोजन पद्धतियों में सिरका केवल स्वाद का माध्यम नहीं बल्कि भोजन की पौष्टिकता बढ़ाने और लोगों को सेहतमंद रखने हेतु इस्तेमाल किया जा रहा है।
आयुर्वेद में सिरके का प्रयोग औषधि के रूप में किया जाता है। आप अपने बालों को सुंदर बनाने के लिए भी सिरके का प्रयोग कर सकते हैं। सिरका बालों के लिए अच्छा है । डेंड्रफ और जूं जैसी समस्याओं से बचने के लिए सिरके का प्रयोग लाभकारी है। बालों की अच्छी तरह से सफाई और बालों को स्व्स्थ रखने में सिरके का इस्तेमाल किया जाता है। बालों की कंडीशनिंग के लिए भी सिरके का इस्तेमाल किया जा सकता है।
सिर में होने वाले फुंसी, फंगस और इसी तरह की अन्य समस्याओं को दूर करने और बैक्टीरिया इत्यादि को नष्ट करने में भी सिरके का प्रयोग किया जाता है।
बालों की चमक बरकरार रखने के लिए और बालों को मुलायम और सुंदर बनाने के लिए सिरके से किफायती कुछ भी नहीं।
सिरके से बालों को सीधा भी किया जा सकता है। यदि रूखे और घुंघराले बालों को सीधा करना है तो सिरके का प्रयोग करना चाहिए। ऐसे में आपको चाहिए कि आप सेब के सिरके से बालों को धोएं और इससे जल्द ही आप बाल सीधे कर पाएंगे।
भोजन के साथ सिरका खाने से रक्त पतला होता है।
सिरका चर्बी कम करने और शरीर से विषैले पदार्थ निकालने की प्रक्रिया में सहायक होता है तथा इससे रक्त से वसा और हानिकारक कोलिस्ट्रोल कम होता है।
सिरका बुद्धि में तीव्रता का कारण बनता है और ह्रदय के लिए लाभदायक होता है।
सिरके में मौजूद साइट्रिक एसिड आहार में मौजूद कैल्शियम को शरीर का अंश बनाता है और शरीर की आंतरिक क्रियाओं के लिए अत्याधिक लाभदायक होता है।
सिरका पाचनक्रिया के लिए हानिकारिक बैक्टिरिया का नाश करता है। जिन लोगों को पाचनतंत्र की समस्या और क़ब्ज़ तथा दस्त अथवा पेट दर्द में ग्रस्त हैं, वह सिरके की सहायता से इन समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं।
सिरके का एक अन्य लाभ यह है कि वह अमाशय की एसिड के स्राव को संतुलित करता है ।
सिरका दांतों की गंदगी दूर करने और मसूड़े की सूजन में लाभदायक है।
कमज़ोर स्नायुतंत्र, गठिया और अल्सर के रोगियों के लिए सिरके का प्रयोग हानिकारक हो सकता है ।
जामुन का सिरका पेट सम्बंधी रोगों के लिए लाभकारक है। जामुन के सिरके से भूख बढ़ती है, पेट की वायु निकलती है , कब्ज दूर होती है व मूत्र साफ होता है।
काले पके हुए जामुन साफ धोकर मिटटी के बर्तन में नामक मिलाकर साफ कपडे से बांध कर धूप में रख दे । एक सप्ताह धूप में रखने के पश्चात् इसको साफ कपडे से छान कर रस को कांच के बोतल में भर कर रख दे यह सिरका तैयार है । मुली प्याज गाजर शलजम मिर्च आदि के टुकडे भी उसी सिरके में डालकर इसका उपयोग सलाद पर आसानी से किया जा सकता है ।
अगर किसी ने धतूरा खा लिया हो, तो उसे अंगूर का सिरका दूध में मिलाकर पिलाने से काफी लाभ होता है।
एक प्याले में सेब का सिरका, एक कप शहद और छिले हुए लहसुन की आठ कली मिलाओ। इन सबको तेज चलने वाली मिक्सी में डाल कर एक मिनट के लिए चला दो और घोल तैयार करो। इस मिश्रण को एक काँच की बोतल में डाल कर पाँच दिन के लिए फ्रिज में बन्द करके रखो। दो चम्मच पानी या अंगूर या फलों के रस में डाल कर नाश्ते से पहले लो। इस इलाज से बंद नाड़ियों, जोड़ों का दर्द, उच्च रक्तचाप ( हाई ब्लड प्रैशर), कैंसर की कुछ किस्मों, कोलेस्टरोल की अधिक मात्रा, सर्दी ज़ुकाम, बदहज़मी, सिर दर्द, दिल के रोग, रक्त प्रवाह की समस्या, बवासीर, बांझपन, नपुसंकता, दांत दर्द, मोटापा, अल्सर और बहुत सारी बीमारियाँ ठीक करने में सहायता मिलती है।
एसीडिटी से निजात पाने के लिए एक गिलास पानी में दो चम्मच सेब का सिरका तथा दो चम्मच शहद मिलाकर खाने से पहले सेवन करें।
हृदय रोग, कैलोस्ट्रोल बढ़ने और खून के थक्के होने की शिकायत है, उनके लिए अदरक का रस एक कप, लहसून का रस एक कप, नीम्बू का रस एक कप, सेब का सिरका एक कप लेकर, उसको मध्यम आंच पर गर्म करे. जब तीन कप रह जाएँ, तो उसको सामान्य तापमान तक ठंडा कर लें। फिर उसमें तीन कप शहद मिला कर किसी भी बोतल आदि में रख लें। रोज़ प्रात: खाली पेट दो चम्मच औषधि को सामान मात्रा में जल मिलाकर सेवन करें। एकदम अनुभूत योग है । खाना अथवा नाश्ता आधा घण्टे बाद कीजिये।

Tuesday, 3 May 2016

बड़ी इलायची के फायदे

एरोमा युक्त मसालों की सबसे बड़ी खूबी ये होती है कि ये त्वचा की भी देखभाल करते हैं.
बड़ी इलायची के फायदे:
1. बड़ी इलायची सांस लेने संबंधी बीमारियों को दूर रखने में मददगार होती है. अगर आपको अस्थमा, फेफड़े में संकुचन जैसी कोई समस्या है तो बड़ी इलायची का सेवन करना आपके लिए बहुत फायदेमंद होगा. सर्दी-खांसी में भी इसका इस्तेमाल करना अच्छा रहेगा.
2. विषाक्त पदार्थों को दूर करने के लिए भी बड़ी इलायची का इस्तेमाल करना फायदेमंद रहता है. हमारे शरीर में कई ऐसे विषाक्त पदार्थ बनते हैं जिनका बाहर निकलना बहुत जरूरी होता है. बड़ी इलायची इन विषाक्त पदार्थों को दूर निकालने का काम करती है.
3. अगर आपके मुंह से दुर्गंध आती है तो बड़ी इलायची चबाना एक अच्छा उपाय है. इसके अलावा मुंह के घावों को ठीक करने के लिए भी बड़ी इलायची को इस्तेमाल में लाया जा सकता है.
4. अगर आपको अक्सर सिर दर्द की शिकायत रहती है तो बड़ी इलायची के तेल से मसाज करना फायदेमंद रहेगा.
5. बड़ी इलायची में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो कैंसर के खतरे को दूर रखने में सहायक होते हैं. इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स कैंसर कोशिकाओं को विकसित नहीं होने देते.

औरतों के लिए ब्यूटी टिप्स Women’s Beauty Tips

औरतों के लिए ब्यूटी टिप्स (Women’s Beauty Tips)
1. आई लाइनर को हमेशा फ्रिज में रखें आई लाइनर को इस्तेमाल करने के पहले 15 मिनट तक फ्रिज में रखना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर पलकों के ऊपर से आई लाइनर के फिसलने का डर रहता है।
2. कंडीशनर के साथ शेव करें कंडीशनर का प्रयोग करने से बाल मुलायम रहते हैं और फिर शेव करने से त्वचा सौम्य बनी रहती है। इसके उलट साबुन का इस्तेमाल करने से त्वचा रूखी हो जाती है।
3. बालों को बियर या सिरके से धोएं बियर और सिरका बालों को पोषण प्रदान करते हैं और उन्हें चमकदार बनाते हैं। बालों में बियर या सिरका लगाकर रखें एवं कुछ देर बाद ठंडे पानी से धो लें।
4. कर्लर गरम करके इस्तेमाल करें पलकों को कर्ल करने के पहले कर्लर गरम कर लेने से पलकें ज़्यादा सुन्दर तरीके से कर्ल होती हैं।
5. स्किन केयर टिप्स - मोटापा,दाग और झुर्रियां हटाने के लिए बर्फ का इस्तेमाल करें सोने के पहले बर्फ के टुकड़ों से मसाज करने से दाग,झुर्रियां और मोटापा पैदा करने वाली कोशिकाओं से राहत मिलती है।
विंटर ब्यूटी टिप्स
6. लम्बे समय तक मैनीक्योर करें नाख़ून से अतिरिक्त गन्दगी और तैलीय पदार्थ हटाने के लिए उन्हें एसीटोन के क्लीनर से साफ़ करें। इससे नेल पोलिश ठीक से लगेगी और मैनीक्योर लम्बे समय तक होगा।
7. पेट और चेहरे को आराम दें पेप्टो बिस्मोल पेट को आराम देने के लिए प्रयोग किया जाता है पर इसका उपयोग आप फेस मास्क की तरह भी कर सकते हैं।
8. स्किन केयर टिप्स - रोज़ाना सनस्क्रीन लगाएं हमेशा सनस्क्रीन का प्रयोग करना चाहिए चाहे मौसम कोई भी हो। यह आपको अल्ट्रा वायलेट किरणों के संपर्क में आने से बचाता है।
9. कोहनियों का ध्यान रखें शरीर के बाकी अंगों की तरह ही कोहनियों को सुरक्षा की ज़रूरत होती है। कोहनियों को सूखेपन से बचाने के लिए रोज़ाना तेल की मालिश करें।इससे कोहनियाँ सुन्दर और कोमल रहती हैं।
10. कैमोमाइल और नींबू का रस इस्तेमाल करें कैमोमाइल और नींब के रस का घोल बालों में लगाने से कंडीशनर की ज़रूरत नहीं पड़ती।
11. आँखों की सूजन कम करने के लिए कच्चे आलू प्रयोग करें आलू का प्रयोग करने से आँखों को आराम मिलता है एवं आँखों के नीचे के काले धब्बे भी कम होते हैं। आलो के 2 टुकड़े आँखों पर 10 मिनट तक रखें और गुनगुने पानी से मुंह धो लें।
12. बालों को पोषण दें ड्राई शैम्पू को बालों की जड़ों में लगाएं जिससे अतिरिक्त तेल की समस्या का सामना ना करना पड़े। ड्राई शैम्पू तेल को सोख लेता है और बालों को पोषण प्रदान करता है।
13. चेहरे को आकार दें फाउंडेशन के साथ हाइलाइटर का प्रयोग करने से चेहरा आकर्षक लगता है। चेहरे के जिन भागों में ज़्यादा रौशनी पड़ती है वहाँ हाइलाइटर इस्तेमाल करना चाहिए।
14. मेकअप करने के तरीके - मेकअप स्पंज का प्रयोग ना करें मेकअप स्पंज तरल फाउंडेशन को सोख लेते हैं और इससे चेहरा खराब दिखता है। मेकअप (makeup karna) के लिए फाउंडेशन ब्रश का उपयोग करें।
चेहरे की चमक और निखार के लिए ब्यूटी टिप्स
15. ब्लश का अतिरिक्त प्रयोग ना करें ब्लश लगाने के लिए के दो उँगलियों का इस्तेमाल करें और नाक से दूरी बनाए रखें। इससे सही मात्रा में ब्लश गालों में रहेगा।
16. भौंवों को निरंतर हेअर स्प्रे, टूथब्रश या मस्कारा बैंड से साफ़ करते रहे।
17. नकली पलकें नकली पलकें आँखों की सुंदरता बढ़ाती हैं। उन्हें आँखों में इस तरह लगाना चाहिए कि अलग से उनके नकली होने का
आभास ना हो। नकली पलकों पे गोंद लगाकर उन्हें असली पलकों के साथ 1 मिनट चिपकाकर रखें।
18. मुंहांसे हटाने के लिए टूथपेस्ट का प्रयोग करें सोने के पहले अपने मुंहांसों पर थोड़ा टूथपेस्ट लगाएं। टूथपेस्ट मुहांसों की गन्दगी साफ़ करता है और त्वचा को सुखाकर मुहांसे काम करता है।
19. मेकअप कैसे करे (makeup kaise kare) - अतिरिक्त तेल को ब्लॉटिंग पेपर से निकालें बहुत सी महिलाएं चेहरे से तेल हटाने के लिए पाउडर का भी प्रयोग करती है पर ब्लॉटिंग पेपर का प्रयोग ज़्यादा फायदेमंद है।
20. ज़्यादा मेकअप हटाने के लिए लोशन इस्तेमाल करें।
21. होंठों को बड़ा आकार दें होंठों को मोटा और भरा हुआ महसूस करवाने के लिए एक मध्यम टोन के लिप लाइनर को होंठों पर लगाके उस पर लिपस्टिक का प्रयोग करें।
22. लम्बी पलकों के लिये लम्बी पलकों के लिए मस्कारा लगाने के पहले और बाद कर्लर का प्रयोग करें।
23. मुंहांसों को ना फोड़ें इससे घाव एवं दाग रह जाने का ख़तरा रहता है।
24. बालों की सफेदी बालों को सफ़ेद होने से बचाने के लिए डीप कंडीशनिंग ट्रीटमेंट का प्रयोग करें।
25. प्रेस की सहायता से बालो को सीधा या कर्ल करें।
महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण ब्यूटी टिप्स
26. होंठों को स्वस्थ रखने के लिए बाम लगाएं और टूथब्रश द्वारा होंठों को साफ़ करें।
27. चेहरे को ज़्यादा निखार देने के लिए लगाने से पहले मॉइस्चराइसिंग लोशन को कुछ देर माइक्रोवेव में डालकर रखें।
28. रोज़ाना चेहरे पर फेस पैक लगाकर कुछ देर रखें और ठन्डे पानी से धो दें।
29. अपने स्किन टोन के हिसाब से सही फाउंडेशन चुनें।
30. मस्कारा लगाने वाले पुराने ब्रश से भौवें साफ़ करें। इनको शरीर के अन्य भाग साफ़ करने के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है।
31. अगर आपके पास पैरों की वैक्सिंग करने का समय नहीं है तो आप पेंटीहोज या टाइटस पहन सकती हैं। इससे आपके अनचाहे बाल भी ढके रहेंगे और आपको शर्मिन्दा भी नहीं होना पडेगा।
32. अनचाहे बालों को चिमटी से निकालने से पहले एक कपड़ा लेकर उसे गरम पानी में भिगोकर बालों वाली जगह पर लगाना चाहिए।
33. सफ़ेद बालों को छुपाने के लिए आप ब्रोन्जिंग पाउडर का सहारा ले सकती हैं।
34. पेडीक्योर (Pedicures) रोजाना पेडीक्योर करने के लिए स्नान करते समय प्युमिस स्टोन (pumice stone) से अपने पैरों को स्क्रब (scrub) करें और इसपर मोइस्चराइज़िंग क्रीम (moisturizing cream) का प्रयोग करें। आपको इसके लिए सैलून (salon) में जाकर पेडीक्योर करवाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और आपकी उंगलियाँ किसी भी प्रकार के संक्रमण से मुक्त और स्वस्थ रहेंगी।

Monday, 2 May 2016

नजला/ जुकाम/खांसी/ दमा/खरार्टे के लिए चिकित्सा

नजला/ जुकाम/खांसी/ दमा/खरार्टे के लिए चिकित्सा
जौ एक किस्म का अनाज होता है जो कुछ कुछ गेहूं जैसा दिखता है। बाजार से लगभग 250 ग्राम जौ ले आएँ। ध्यान रहे कि इसमे घुन न लगा हुआ हो। इसे साफ कर ले। मंद मंद आग पर कड़ाही मे डाल कर भून ले। ध्यान रहे कि जले नहीं। इसके बाद इसे मोटा मोटा कूट/ पीस ले।
जरूरत के समय 1 बड़ा चम्मच जौ का चूर्ण लेकर उसमे 1 छोटा चम्मच देशी घी मिला कर तेज गरम तवे पर या तेज गरम लोहे की कड़छी मे डाल कर इसका धुआँ नाक से या मुँह से खींचें। यदि लकड़ी के जलते हुए कोयले पर डाल कर धुआँ खींचे तो और भी अधिक लाभदायक है। धुआँ लेने के 15 मिनट पहले और 2 घंटे बाद तक ठंडा पानी न पिए। प्यास लगे तो गरम दूध पिए।
यदि बार बार मुँह सूखता हो और प्यास लगती हो तो ये चिकत्सा न करें।
नए जुकाम मे जब सिर भारी हो और नाक बंद तब यह प्रयोग करें और चमत्कार देखें। 5 मिनट मे फायदा होगा।
खांसी, दमे मे इन्हेलर कि तरह तत्काल फायदा दिखता है।
खर्राटे मे प्रतिदिन ये धुआँ लें। सुबह शाम किसी भी समय ले सकते हैं।
कोई साइड इफेक्ट नहीं। बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए भी सुरक्षित।
अन्य दवाओं के साथ भी इसका प्रयोग किया जा सकता है।
बदलते मौसम मे स्वस्थ भी प्रयोग करें ताकि नजले जुकाम से बच सकें।
दिन मे 4 बार तक प्रयोग कर सकते हैं। एक समय मे 4 बड़े चम्मच जौ घी मिला कर प्रयोग कर सकते हैं

हर औषधि‍ शरीर के लिए फायदेमंद होती है इस बात को नहीं माना जा सकता है.

सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान अक्सर ही हमें किचन में मौजूद मसालों या फिर सब्जियों में मिल जाता है. आयुर्वेद भी इन उपायों और जड़ी-बूटी के उपयोग को सही मानता है लेकिन वैज्ञानिक इस बात से पूरी तरह सहमत नहीं होते हैं. साइंस का मानना है कि हर औषधि‍ शरीर के लिए फायदेमंद होती है इस बात को नहीं माना जा सकता है.
क्या कहती है स्टडी?
वैज्ञानिकों का मानना है कि आयुर्वेद पूरी तरह से सुरक्षित है—यह एक मिथक है. प्राचीन शोधों में यह दावा कभी नहीं किया गया कि आयुर्वेदिक दवाइयों के दुष्प्रभाव नहीं हैं या उन्हें विशेषज्ञ के मार्गदर्शन के बगैर लिया जा सकता है.
हार्वर्ड में 2008 में हुए शोध में पता चला कि ऑनलाइन बिकने वाली हर 5 में से एक भारतीय हर्बल दवा में आर्सेनिक, पारा और सीसे का खतरनाक स्तर है. इन्हें पैकेटबंद नहीं किया जाना चाहिए.
आइए जानें, घरेलू उपचार और आयुर्वेदिक दवाओं में इस्तेमाल होने वाली इन पांच चीजों के बारे में...
मेथीदाना
मेथीदाना का उपयोग डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए किया जाता है. माना जाता है कि इसमें मौजूद सैपोनिन्स भोजन के बाद कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को धीमा करके इंसुलिन के स्तर को बेहतर बनाता है.
नुकसानः इससे गैस, सूजन और दस्त की समस्या हो सकती है और इससे खून पतला होने का जोखिम भी रहता है.
दालचीनी
दालचीनी में मौजूद हाइड्रॉक्सीकेलकोन, माना जाता है कि यह इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर बनाता है और टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को कम करता है.
नुकसानः इसमें कॉमरिन पाया जाता है जो लीवर को नुकसान पहुंचा सकता है.
गुड़मार/गिलोय
माना जाता है कि इनमें मधुमेह से लड़ने के गुण होते हैं और चीनी खाने की इच्छा को कम करते हैं. इनके बीजों में जंबोलाइन नाम का केमिकल पाया जाता है जो रक्त और यूरिन में मौजूद शुगर को कम करता है.
नुकसान: ज्यादा सेवन करने से यह शुगर लेवल प्रभावित कर पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है.
जामुन
बताते हैं कि यह मधुमेह से लड़ता है और इसके बीजों में जंबोलाइन नामक रसायन पाया जाता है जो शुगर लेवल को कम करता है.
नुकसान: इसका ज्यादा सेवन करने से पाचन तंत्र कमजोर हो सकता है.
करेला
मान्यता है कि इसका रस ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है.
नुकसान: पाचन तंत्र को खराब कर सकता है और इससे एलर्जी भी हो सकती है.

शहद(Honey) का सेवन करने के नियम

शहद(Honey) का सेवन करने के नियम

शहद कभी खराब नहीं होता . यह पका पकाया भोजन है और तुरंत ऊर्जा देने वाला है , पर इसे लेते समय कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए |
- अमरुद , गाना , अंगूर और खट्टे फलों के साथ शहद अमृत के सामान है |
- चाय कॉफ़ी के साथ शहद ज़हर के सामान है |
- शहद को आग पर कभी ना तपाये |
- मांस -मछली के साथ शहद का सेवन ज़हर के सामान है |
- शहद में पानी या दूध बराबर मात्रा में हानि कारक है |
- चीनी के साथ शहद मिलाना अमृत में ज़हर मिलाने के सामान है |
- एक साथ अधिक मात्रा में शहद लेना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है .दिन में २ या ३ बार एक चम्मच शहद लें |
- घी , तेल , मक्खन में शहद ज़हर के सामान है |
- मशहद खाने से कोई परेशानी महसूस हो तो निम्बू का सेवन करें |
- समान मात्रा में घी और शहद ज़हर होता है |
- अलग अलग वृक्षों पर लगे छत्तों में प्राप्त शहद के अलग अलग औषधीय गुण होंगे . जैसे नीम पर लगा शहद आँखों के लिए , जामुन का डायबिटीज़ और सहजन का ह्रदय , वात और रक्तचाप के लिए अच्छा होता है |
- शीतकाल या बसंतऋतु में विकसित वनस्पति के रस में से बना हुआ शहद उत्तम होता है और गरमी या बरसात में एकत्रित किया हुआ शहद इतना अच्छा नही होता है। गांव या नगर में मुहल्लों में बने हुए शहद के छत्तों की तुलना में वनों में बनें हुए छत्तों का शहद अधिक उत्तम माना जाता है।
- शहद पैदा करनें वाली मधुमक्खियों के भेद के अनुसार वनस्पतियों की विविधता के कारण शहद के गुण, स्वाद और रंग में अंतर पड़ता है।

जानें पनीर खाने को सही समय क्या है

पनीर स्वाद के साथ ही सेहत के लिए भी बहुत अच्छा रहता है और इसमें प्रोटीन और वसा एक ही मात्रा में शामिल होते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं पनीर खाने का सही समय क्या है या फिर आप कभी भी पनीर खाने में विश्वास रखते हैं. अगर ऐसा है तो जानें पनीर खाने को सही समय क्या है...
पनीर खाने का सही समय
- पनीर को कभी भी एक्‍सरसाइज करने के पहले या फिर बाद में नहीं खाना चाहिए क्‍योंकि आपकी बॉडी को फैट की आवश्‍यकता नहीं है.
- एक्‍सरसाइज करने के बाद पनीर खाने से इसमें मौजूद फैट आपकी पाचन क्रिया को धीमा कर देता है.
- पनीर को रात को सोने से एक घंटे पहले खाया जा सकता है.
- सोते वक्‍त हमारी मांसपेशियां और लंबाई बढ़ जाती है, जिसके लिये हमारे शरीर को प्रोटीन की आवश्‍यकता पड़ती है. ऐसे में पनीर खाना एक अच्‍छा ऑपशन होता है.
- आप चाहें तो इसे दिन के वक्‍त भी खा सकते हैं, लेकिन इसे अधिक मात्रा में खाने से बचना चाहिए.
- अगर आप पनीर को संतुलित तरीके से खाएंगे, तो आप मोटे नहीं बल्‍कि फिट बनेंगे.
पनीर का पानी भी सेहत के लिए अच्छा
दूध को फाड़कर या फिर फटे हुए दूध से पनीर तैयार किया जाता है. इसको बनाते वक्‍त जो पानी बच जाता है उसे को फेंके नहीं क्योंकि अगर अगर आपको शरीर में प्रोटीन की मात्रा बढ़ानी है तो इसे पी जाइएं. पनीर, कार्बोहाइड्रेट्स, फैट्स और प्रोटीन से बना हुआ उत्‍पाद है.

जानें तांबे के बर्तन में पानी पीने के फायदे

जानें तांबे के बर्तन में पानी पीने के फायदे
आयुर्वेद के अनुसार, तांबे के बर्तन में रखे पानी को पीने से आपके शरीर के तीनों दोश वात, कफ़ व पित्त दूर हो जाते हैं। इसके लिए तांबे के बर्तन में पानी को कम से कम आठ घंटे के लिए रखा जाना चाहिए। दरअसल, जब पानी को तांबे के बर्तन में रखा जाता है तो तांबा पानी में उतर आता है और उसके सारे अच्छे तत्व उस पानी में मिल जाते हैं। इस पानी की सबसे अच्छी बात ये है कि ये कभी बासी नहीं होता। इसे लंबे वक्त तक रखा जा सकता है। आइये जानते हैं तांबे के बर्तन में रखा पानी आपकी सेहत को किस तरह से फायदे पहुंचा सकता है।
दिल का रखे ख़्याल
दिल की बीमारियां इन दिनों आम हो चुकी हैं। तांबा दिल की बीमारी के जोखिम को कम कर सकता है। अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार, तांबे ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कनों को नियंत्रित रखने में मदद करता है। साथ ही साथ, कोलेस्ट्रॉल कम करता है। इसलिए अगर आपको दिल की बीमारी है या फिर आप इस बीमारी के जोखिम को कम करना चाहते हैं तो तांबे के बर्तन में रखा पानी पियें।
पाचन क्रिया को बनाता है बेहतर
एसीडिटी और खाना पचाने में दिक्कत बहुत आम समस्याएं हैं। तांबे के बर्तन में रखे पानी को पीने से इनसे छुटकारा मिल सकता है। तांबे में ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो नुकसानदायक बैक्टीरिया को खत्म करते हैं और पेट की सूजन मिटाते हैं। अल्सर, अपच और इंफेक्शन जैसी पेट की समस्याओं के लिए ये एक असरदार उपाय है। आयुर्वेद के अनुसार, पेट के रोग मिटाने के लिए रात भर तांबे के बर्तन में रखे पानी को सुबह खाली पेट पीना चाहिए।
वजन घटाने में मदद
वजन कम करने के लिए असरदार माने जाने वाले फाइबरयुक्त चीज़ें खाने के बावजूद भी अगर आपका वजन कम नहीं होता तो नियमित रूप से तांबे के बर्तन में रखे पानी को पियें। इस पानी से आपके शरीर की चर्बी कम होती है।
मस्तिष्क के लिए अमृत
एक तंत्रिका कोशिका के दूसरे तंत्रिका कोशिका तक संदेश पहुंचाने से ही हमारा दिमाग काम कर पाता है। ये तंत्रिका कोशिकाएं मायलिन नाम के आवरण से ढंकी हुई होती हैं, जो इनकी संदेश पहुंचाने के काम में मदद करता है। तांबा इस मायलिन आवरण के तैयार होने में मदद करता है।
बैक्टीरिया का सफाया
तांबे में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो बहुत प्रभावी रूप से बैक्टीरिया का सफाया कर देते हैं। खासतौर पर ईकोली पर अपना असर दिखाते हैं जो हमारे पर्यावरण में पाए जाते हैं तो हमारे शरीर में प्रवेश करके उसे नुकसान पहुंचाते हैं। तांबे वाला पानी पीलिया, हैजा आदि बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है। अगर आपको लगता है कि आपका पानी पूरी तरह से शुद्ध नहीं है तो उसे तांबे के बर्तन में रात भर रखने के बाद इस्तेमाल करें।
एजिंग की रफ्तार कम करना
अगर आ चेहरे पर आती झुर्रियों से परेशान हैं तो तांबा आपके लिए प्राकृतिक उपचार साबित हो सकता है। बहुत उच्च मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट होने और कोशिका निर्माण की क्षमता की वजह से तांबा फ्री रेडिकल्स का सफाया करता है जो कि झुर्रियों का मुख्य कारण है। साथ ही इससे तांबे की मदद से पुरानी कोशिकाओं की जगह नई कोशिकाएं ले लेती हैं।
त्वचा के लिए फायदेमंद
आंखों, बालों व त्वचा के रंग को बेहतर बनाने वाला पिगमेंट मिलेनिन होता है। मिलेनिन त्वचा को सन डैमेज और निशानों से बचाता है। तांबा इसके निर्माण के लिए मुख्य घटक होता है। इसके अलावा, तांबा त्वचा की नई कोशिकाओं के निर्माण में भी मदद करता है। आयुर्वेद के अनुसार हर रोज सुबह तांबे का पानी पीने से त्वचा में बहुत फर्क आता है।
जख्म जल्दी भरते हैं
तांबे में उच्च मात्रा एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी इन्फ्लेमेटरी तत्व होने की वजह से इससे जख्म जल्दी भरते हैं। इसके अलावा तांबे से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और नई कोशिकाएं बनने में भी मदद होती है। तांबे का पानी पीने से पेट के अंदर के जख्म भी जल्दी ठीक हो जाते हैं।
तांबे का बर्तन खरीदते हुए ध्यान रखें कि वो शुद्ध तांबे से बना हो। आप तांबे का जग, लोटा या ग्लास खरीद सकते हैं। तांबे के बर्तन में जब पानी डालकर रखें तो उसे ढंकना न भूलें। तांबे के बर्तन को धोने के लिए नींबू का इस्तेमाल करें।

Monday, 25 April 2016

एक ऐसी सब्जी जो कैंसर से लेकर सफ़ेद बालो तक लगभग 50 रोगों में फायदेमंद है



एक ऐसी सब्जी जो कैंसर से लेकर सफ़ेद बालो तक लगभग 50 रोगों में फायदेमंद है
एक ऐसी सब्जी जो कैंसर से लेकर सफ़ेद बालो तक लगभग 20 रोगों में फायदेमंद है सब्जियों में चौलाई का अपना एक अलग स्थान है। दुनिया भर के लोग इसका उपयोग सब्जी और अनाज के रूप में स्वास्थ्य लाभों के रूप में करते है। यह अनेकों औषधीय गुणों से भरपूर होता है।चौलाई दो तरह की होती है ,एक सामान्य हरे पत्तों  वाली दूसरी लाल पत्तों वाली। यह कफ और पित्त का नाश करती है जिससे रक्त विकार दूर होते हैं। पेट और कब्ज के लिए चौलाई का साग बहुत उत्तम माना जाता है। चौलाई की सब्जी का नियमित सेवन करने से वात, रक्त त्वचा विकार दूर होते हैं। सबसे बडा गुण सभी प्रकार के विषों का निवारण करना है, इसलिए इसे विषदन नाम दिया गया है। इसके डंठल और पत्तों में पौष्टिक तत्वों की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। पेट और कब्ज के लिए चौलाई बहुत उत्तम मानी जाती है।चौलाई में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन-, मिनिरल्स और आयरन प्रचुर मात्रा में पाए जाते है। इसमें सोना धातु पाया जाता है जो किसी और साग-सब्जियों में नहीं पाया जाता। औषधि के रूप में चौलाई के पंचांग यानि पांचों अंग- जड, डंठल, पत्ते, फल, फूल काम में लाए जाते हैं। इसकी डंडियों, पत्तियों में प्रोटीन, खनिज, विटामिन , सी प्रचुर मात्रा में है
कहा गया है कि किसी भी तरह के चर्म रोग में इसके पत्ते पीस कर लेप कर 21 दिनों तक लगातार लेप करने से वह ठीक हो जाता है। शरीर में अगर कही भी खून बह रहा है और बंद नहीं हो रहा लाल पत्ते वाली चौलाई की जड़ को पानी में पीस कर पी लेने से ही रुक जाता है। एक बार पीने से नहीं रुक रहा तो बारह घंटे बाद दुबारा पीने को कहा गया है। चाहे गर्भाशय से खून बह रहा हो या मल द्वार से या बलगम के साथ यह सब में उपयोगी बताई गई है। मान्यता है कि गर्भवती को खून दिखाई दे जाए तो फ़ौरन पी ले, गिरता हुआ गर्भ रुक जायेगा। जिनको गर्भ गिरने की बीमारी हो उन महिलाओं के लिये मासिक धर्म के समय में रोज जड़ पीस कर चावलों के पानी के साथ पीने का उल्लेख मिलता है।
 आइये जाने के स्वास्थ्य लाभों के बारे में
सूजन को कम करें :
ऐमरैन्थ यानि चौलाई के तेल और पेप्टाइड में एंटी-इफ्लेमेंटरी गुण होता है जो दर्द और सूजन को सहजता से कम करने में मदद करता है। यह पुरानी स्थितियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है जहां पर सूजन स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
फोड़े-फुंसी :
फोड़े-फुंसी पर चौलाई के पत्तों की पुल्टिस बना कर लगाने से फोड़ा जल्द पक कर फूट जाता है। सूजन होने पर उस स्थान पर इसका लेप करने से सूजन दूर होती है।
वजन करने में मददगार :
जैसा की हम जानते हैं कि प्रोटीन रक्त में इंसुलिन के स्तर को कम कर और हार्मोंन की विज्ञप्ति कर आपकी भूख को दबा देता है जिससे की आप भूख को कम महसूस करते हो। आपको यह जानकर खुशी होगी कि लगभग 15 प्रतिशत चौलाई में प्रोटीन होता है जो आपके वजन घटाने के कार्यक्रम में सहायता कर सकता हैं।
रक्तचाप कम करें :
अध्ययन के अनुसार, ऐमरैन्थ में मौजूद फाइबर और फिटोन्यूट्रीएंट्स नामक तत्व रक्तचाप को कम करने में मदद करते है। जिससे यह कोलेस्ट्रॉल, सूजन और रक्तचाप के साथ प्रभावी ढ़ंग से लड़ता है और दिल की सेहत के लिए भी अच्छा होता है।
शरीर में रक्त की कमी दूर करें :
औषधि के रूप में चौलाई की जड़, पत्ते और बीज सभी काम में लाये जाते है। इसकी पत्तियों और बीजों में प्रोटीन, विटामिन और सी प्रचुर मात्रा में होता है। ऐमरैन्थ यानि चौलाई का साग एनिमिया रोग से लड़ने का सबसे कारगर उपाय है। इसके सेवन से शरीर में रक्त की कमी दूर होती है। शरीर में खून की कमी को दूर करने के लिए इसका सेवन सब्जी या सूप के रूप में करें।
कैंसर की रोकथाम :
ऐमरैन्थ में मौजूद पेप्टाइड्स श्ारीर में सूजन को दूर करने के साथ कैंसर के विकास को रोकने में भी बहुत मददगार होता है। इसमें मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है जिससे कैंसर को रोकने में मदद मिलती है।
पचाने में आसान :
ऐमरैन्थ में मौजूद फाइबर और अमीनो एसिड के कारण यह पचाने में बहुत आसान होता है। इसमें मौजूद फाइबर कारण यह आंतों से चिपके हुए मल को निकालकर उसे बाहर धकेलने में मदद करता है जिससे पेट साफ होता है और पाचन संस्थान को शक्ति मिलती है। इसी कारण से इसे पारंपरिक रूप से बीमारी से उबर रहे मरीजों को दिया जाता है।
पेशाब में जलन :
पेशाब में होने वाली जलन को शांत करने के लिए चौलाई के रस का कुछ दिनों तक सेवन करने से मूत्रवृध्दि होती है और जलन ठीक होती है।
खूनी बवासीर :
खूनी बवासीर हो या मूत्र में खून आता हो ,चौलाई के पत्ते पीस कर मिश्री मिलाकर शरबत बनाकर दिन लगातार पीजिये।
प्रतिरक्षा प्रणाली को बढावा :
ऐमरैन्थ का एक और स्वास्थ्य लाभ यह भी है कि मौजूद आवश्यक विटामिन, खनिज और शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को ठीक रखने में मदद करते है। इसलिए अगर आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है तो आपको चौलाई को लेने पर विचार करना चाहिए।
स्तनों का आकार बढ़ने के लिए :
नारियों को अपने स्तनों का आकार बढ़ाना हो तो अरहर की दाल के साथ चौलाई का साग पका कर चालीस दिनों तक लगातार खाइये,जड़ काटकर फेकना नहीं है वह भी पका देनी है।
एनर्जी बूस्टर :
कुछ सब्जियों और अनाजों में आवश्यक अमीनो एसिड की कमी होती है, लेकिन चौलाई में लाइसिन बहुत अधिक मात्रा में होने के कारण यह कैल्शियम को अवशोषित करने के लिए शरीर की मदद करता है। इस कारण से चौलाई मांसपेशियों के निर्माण और ऊर्जा के उत्पादन के लिए बहुत अच्छा होता है।
बालों को सफेद होने से रोकता है :
अगर आप बालों के असमय सफेद होने से चिंतित हैं? तो आपकी इस चिंता का समाधान चौलाई द्वारा हो सकता है। यह बालों को असमय सफेद होने से रोकने का काफी प्रभावी उपाय है। चौलाई को अपने आहार में शामिल कर आप इस समस्या से निजात पा सकते हैं।
पथरी :
पथरी में चौलाई का साग चालीस दिनों तक प्रतिदिन खाने पर पथरी गल जाती है।