च्यवनप्राश का अविष्कार महाऋषि च्यवन ने बुढ़ापे से जवानी की तरह वापिस जाने के लिए किया था.
च्यवनप्राश खाने का एक तरीका है. इसे सुबह खाना खाने से आधा घंटा पहले या
खाना खाने के एक घंटे बाद खाना चाहिए.बड़े-बुर्जुगों को आधा चम्मच
च्यवनप्राश पानी या दूध के साथ लेना फायदेमंद है. शाम को भी इसे लिया जा
सकता है. च्यवनप्राश 5 से कम उम्र के बच्चों को नहीं देना चाहिए. कोशिश
करें 10 की उम्र के बाद ही बच्चों को च्यवनप्राश दें.
यूं तो च्यवनप्राश बहुत पुरानी हर्ब है लेकिन इसके फायदे ही फायदे हैं. आप भी जानिए, इसके फायदों के बारे में- सर्दियों में च्यवनप्राश खाने से आप सेहतमंद रहेंगे.
यूं तो च्यवनप्राश बहुत पुरानी हर्ब है लेकिन इसके फायदे ही फायदे हैं. आप भी जानिए, इसके फायदों के बारे में- सर्दियों में च्यवनप्राश खाने से आप सेहतमंद रहेंगे.
- च्यवनप्राश का सेवन करने से कफ दूर होता है.
- इससे पाचन तंत्र ठीक रहता है.
- ये इम्यूनिटी बढ़ाता है.
- हार्मोंस को संतुलित करता है.
- सफेद हो रहे बालों को काला करता है.
- सेक्स क्षमता भी बढ़ाता है.
- मसल्स की पॉवर को बढ़ाता है.
- किडनी के फंक्शन को इंप्रूव करता है.
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