Tuesday, 28 July 2015

तेजपत्ता bay-leaves



भारतीय रसोई में खाने के जायके और खूशबू को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल में लाया जाने वाला बे लीफ एक महत्वपूर्ण मसाला है। इसे तेजपत्ता भी कहा जाता है। इसका स्वाद कड़वा होता है और सूखने के बाद ये बिल्कुल कड़क हो जाता है। स्वाद और खुशबू के मामले में ये काफी हद तक दालचीनी जैसा होता है। यह पाउडर के रूप में आसानी से मिल जाता है। तेजपत्ते को कई प्रकार की बीमारियों के इलाज में भी इस्तेमाल लाया जाता है।
तेजपत्ते से सेहत को होने वाले फायदे
घाव भरने में असरदार
तेजपत्ता घावों को जल्द भरने में बहुत ज्यदा मददगार होता है। सांप काटने का जहर निकालने से लेकर कीड़े-मकोड़े के काटने जैसी कई समस्याओं के इलाज में इसका इस्तेमाल किया जाता है। इन पत्तों के तेल में एंटी-फंगल और एंटी बैक्टीरियल गुण होता है जो स्किन को इन्फेक्शन से बचाता है।
जूं को करे दूर
सिर में जूं से हैं परेशान, तो तेजपत्ता सकता है बहुत काम। पानी में इन पत्तों को अच्छे से मसलकर डालें और उसे खूब उबालें जब तक कि पानी आधा रह जाए। इस पानी को बालों की जड़ों में लगाएं। 3-4 घंटे रखने के बाद पानी से धो लें। जूं की समस्या दूर हो जाएगी। साथ ही बाल भी चमकदार और घने होते हैं।

डायबिटीज का इलाज
टाइप-2 डायबिटीज के इलाज में तेजपत्ता बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है। यह ब्लड से ग्लूकोज, कोलेस्ट्रॉल और ट्राईग्लिसराइड के लेवल को कम करता है। इसके जल्दी असर के लिए इन पत्तों का पाउडर लगातार 30 दिनों तक इस्तेमाल करना चाहिए। इससे हार्ट सही तरीके से काम करता है। तेजपत्ता एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होता है जो डायबिटीज काफी हद तक कंट्रोल करता है।
डाइजेशन के लिए जरूरी
खाने में तेजपत्ते का इस्तेमाल डाइजेशन सही रखता है, साथ ही पेट की जलन की समस्या को भी दूर करता है। गरम पानी में तेजपत्ते को मिलाकर पीने से गैस, अपच, कब्ज जैसी कई समस्याओं से छुटकारा मिलता है। अपच की प्रॉब्ल्म होने पर तेजपत्ता और अदरक को पानी में डालकर अच्छे से उबालें। पानी कम हो जाने पर उसमें शहद मिलाकर दिन में दो बार पीने से काफी आराम मिलता है। बुखार की समस्या में भी इस नुस्खे का इस्तेमाल किया जा सकता है।

कॉर्डियोवैस्कुलर हेल्थ
तेजपत्ता फाइटोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर होता है जो कॉर्डियोवैस्कुलर बीमारियों जैसे हार्ट अटैक और स्ट्रोक की संभावना को कम करता है। इसके अलावा, इसमें रुटिन, सैलिसाइलेट्स, कैफीक एसिड, फाइटोन्यूट्रिएंट्स भी मौजूद होते हैं जो हार्ट के फंक्शन को सही रखते हैं। इस तरह की किसी भी संभावना नजर आने पर तेजपत्ता और गुलाब के फूलों को पानी में अच्छी तरह से उबालें जब तक कि पानी आधा रह जाए। थोड़ा ठंडा होने पर इसे पिएं।
सर्दी-जुकाम में आराम
सर्दी-जुकाम या किसी भी प्रकार के अन्य इनफेक्शन से छुटकारा दिलाने में तेजपत्ते का इस्तेमाल बहुत कारगर होता है। सांस की बीमारियों में आराम के लिए 2-3 तेजपत्ते को पानी में 10 मिनट तक उबालें। इस पानी में कॉटन या टॉवेल को भिगोकर निचोड़ लें और उसे सीने पर रखें। तेजपत्ते से बनी हुई चाय बुखार में बहुत जल्दी आराम दिलाती है।

दर्द में आराम
इन पत्तों से निकलने वाले तेल में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो दर्द, ऐंठन, आर्थराइटिस, खिंचाव आदि को दूर करने में मददगार होते हैं। ये पिंपल्स तक को ठीक करते हैं। कान के पीछे इसके तेल की मालिश करने से माइग्रेन और सिरदर्द में आराम मिलता है। ब्लड सर्कुलेशन सही रखने के साथ ही यह जोड़ों का दर्द भी दूर करता है। पानी से तेजपत्ता डालकर उबालें और ठंडा करके पिएं।
पीरियड्स की समस्या दूर
फोलिक एसिड से भरपूर तेजपत्ता प्रेग्नेंसी के तीन महीने पहले और बाद, दोनों ही सिचुएशन में शरीर की कमी को पूरी करता है। साथ ही, शिशु में जन्म के समय होने वाली कई प्रकार की प्रॉब्लम्स को भी दूर करता है।
नाक से खून आने की समस्या बंद
गर्मियों में, ज्यादा खट्टा खाने से और कुछ कारणों से नाक से खून निकलना आम समस्या है। इसके लिए 2-3 तेजपत्ते को अच्छे से पानी में उबालें जब तक कि पानी आधा रह जाए। ठंडा होने पर इसे पी लें। नाक से खून निकलना बंद हो जाता है।
सही नींद के लिए
सोने से पहले तेजपत्ते को किसी भी रूप में लेने से नींद अच्छी आती है। इसके लिए तेजपत्ते को पानी में मिलाएं और अच्छे से चलाते हुए इसे पी लें। सही नींद सेहत के लिए बहुत ही जरूरी
बालों से डैंड्रफ मिटाने में
सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि हेल्थ भी सही रखता है। बालों के झड़ने की समस्या से परेशान हैं तो इसका इस्तेमाल आज से ही शुरू करें।
किडनी स्टोन की प्रॉब्लम खत्म
तेजपत्ता सिर्फ किडनी के इन्फेक्शन को दूर करता है, बल्कि स्टोन की समस्या को भी खत्म करता है। स्टोन प्रॉब्लम होने पर गरम पानी में तेजपत्ते को उबालें और ठंडा करके पिएं। काफी फायदा होता है।


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