Monday, 20 July 2015

घरेलू नुस्खों में अजवाइन celery



अजवाइन को सदियों से घरेलू नुस्खों में अनेक बीमारियों के उपचार के लिए अपनाया जाता रहा है। अजवाइन का वानस्पतिक नाम ट्रेकीस्पर्मम एम्माई है। आयुर्वेद के अनुसार अजवाइन पाचन को दुरुस्त रखता है। यह कफ, पेट, छाती का दर्द और कृमि रोग में लाभदायक होता है। साथ ही, हिचकी, जी मचलाना, डकार, बदहजमी और पथरी आदि बीमारी में भी फायदेमंद होता है।

अजवाइन में 7 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट,21 प्रतिशत प्रोटीन, 17 प्रतिशत खनिज ,7 प्रतिशत कैल्शियम, फॉस्फोरस, लौह, पोटेशियम, सोडियम, रिबोफ्लेविन, थायमिन, निकोटिनिक एसिड अल्प मात्रा में, आंशिक रूप से आयोडीन, शर्करा, सेपोनिन, टेनिन, केरोटिन और 14 प्रतिशत तेल पाया जाता है। इसमें मिलने वाला सुगंधित तेल 2 से 4 प्रतिशत होता है, 5 से 60 प्रतिशत मुख्य घटक थाइमोल पाया जाता है। मानक रूप से अजवाइन के तेल में थाइमोल 40 प्रतिशत होता है।
1. पेट खराब है तो थोड़ा अजवाइन चबाकर खाएं। उसके बाद एक कप गर्म पानी पी लें, पेट ठीक हो जाएगा।

2. 10
ग्राम सौंठ, 5 ग्राम काला नमक 2 ग्राम जीरे को अच्छी तरह मिलाएं। इस मिश्रण की 3 ग्राम मात्रा गुनगुने पानी के साथ दिन में 4-5 बार लें। पेट दर्द खत्म हो जाएगा।

3.
पेट में कीड़े हों तो थोड़े काले नमक के साथ एक चौथाई चम्मच अजवाइन खाएं। इसे कुछ समय तक नियमित रूप से खाने पर पेट के कीड़े मर जाएंगे।
4. 3 ग्राम अजवाइन और आधा ग्राम नमक खाने के बाद लेने से लीवर की परेशानियां दूर हो जाती हैं।

5. गैस होने पर थोड़ी हल्दी, अजवाइन और एक चुटकी काला नमक मिलाकर फांकी लें, इससे भी बहुत जल्दी आराम मिलता है।

6. 5 ग्राम ग्राम जंगली अजवाइन को पानी के साथ निगल लें। ऐसा महीने में पांच दिन करें तो पथरी कभी नहीं बनेगी और बनी होगी तो बाहर निकल जाएगी।

7. कुंदरू के फल, अजवाइन, अदरक और कर्पूर की समान मात्रा लेकर कूट ले और एक सूती कपड़े में लपेटकर हल्का-हल्का गर्म करके सूजन वाले भागों धीमें -धीमें सिंकाई करें। इससे सूजन मिट जाती है।
8. किसी शराब पीने वाले की आदत छुड़ाना चाहते हैं तो दिन में हर दो घंटे बाद उसे एक चुटकी अजवाइन चबाने को दें, बहुत जल्द शराब पीने की आदत छूट जाएगी।

9. अजवाइन को भूनकर उसे पीस लें। इस मिश्रण से सप्ताह में दो-तीन बार दांत साफ करें। आपके दांत मजबूत और चमकदार होंगे। दांतों में दर्द होने पर अजवाइन को पानी में उबालकर गुनगुने पानी से कुल्ला कर लें। दांत दर्द ठीक हो जाएगा।

10. अजवाइन को पीसकर नारियल तेल में मिलाकर ललाट पर लगाने से सिर दर्द में आराम मिलता है।
11. अजवाइन को भूनकर कपड़े में लपेट लें और रात में तकिए के नजदीक रख लें तो दमा, सर्दी, खांसी के रोगियों को नींद में सांस लेने मे दिक्कत नहीं होती है।
12. अस्थमा के रोगी को यदि अजवाइन के बीज और लौंग की समान मात्रा का 5 ग्राम चूर्ण रोजाना दिया जाए तो काफी फायदा होता है। अजवाइन को किसी मिट्टी के बर्तन में जलाकर उसका धुंआ भी दिया जाए तो अस्थमा के रोगी को सांस लेने में राहत मिलती है।

13. अजवाइन के रस में दो चुटकी काला नमक मिलाकर उसका सेवन करें और उसके बाद गर्म पानी पी लें। खांसी ठीक हो जाएगी।
14. काली खांसी से परेशान हैं तो जंगली अजवाइन के रस को सिरका और शहद के साथ मिलाकर दिन में 2 बार एक-एक चम्मच सेवन करें, राहत मिलेगी।
15. गले में खराश हो तो बेर के पत्ते और अजवाइन दोनों को पानी में एक साथ उबालकर उस पानी को छानकर पी लें।
16. अदरक के रस में थोड़ा सा चूर्ण अजवाइन का मिलाकर लें तो खांसी में तुरंत आराम मिल जाएगा।
17.अजवाइन को पान में रखकर चबाएं। ऐसा करने से सूखी खांसी से राहत मिलेगी। इसके अलावा अजवाइन खाने से गले की सूजन और दर्द भी ठीक हो जाता है।
18. नाक बंद होने पर अजवाइन को बारीक पीस कर उसे कपड़े में बांध कर सूंघें, आराम मिलेगा।
19. खाने के बाद अजवाइन के साथ गुड़ खाने से सर्दी और एसिडिटी में आराम मिलता है।
20. अजवाइन की 2 से 3 ग्राम मात्रा को दिन में तीन बार लें। जुकाम, नजला और सिरदर्द में यह रामबाण दवा है।
21.पान के पत्ते के साथ अजवाइन के बीजों को चबाया जाए तो गैस, पेट मे मरोड़ और एसिडिटी से निजात मिल जाती है।

22. भूनी हुई अजवाइन की करीब 1 ग्राम मात्रा को पान में डालकर चबाने से बदहजमी में तुरंत आराम मिल जाता है। सर्दी में शरीर को गर्मी देने के लिए थोड़ी-सी अजवाइन चबाएं और चबाने के बाद पानी के साथ निगल लें। ठंड से राहत मिलेगी।

23.1 चम्मच अजवाइन और एक चम्मच जीरा एक साथ भून लें। फिर इसे पानी में उबाल कर छान लें। इस छने हुए पानी में चीनी मिलाकर पिएं, एसिडिटी से राहत मिलेगी।
24. हैजा होने पर कर्पूर के साथ अजवाइन को मिला कर लेने से आराम मिलता है। नींद आने की समस्या हो तो 2 ग्राम अजवाइन पानी के साथ निगल लें। इससे अच्छी नींद आएगी।
25. खुजली हो या फिर कहीं जल गया हो, अजवाइन को पीस कर वहां लगाएं और 4 से 5 घंटे तक लगे रहने दें। इससे बहुत लाभ होगा।

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