गर्मी के दिनों में क्या खाएं क्या न खाएं?
बदलती ऋतुओं के
अनुसार शरीर में स्वाभाविक रासायनिक परिवर्तन होते हैं और इस परिवर्तन में
ऋतूचर्यानुसार खाध्य पदार्थों का सेवन किया जाए तो वात-पित्त-कफ के
उभार से होने वाले रोगों से बचा जा सकता है| यहाँ मैं गर्मी की ऋतू में
अच्छी सेहत के लिए सेहतमंद दिन चर्या की बात करूँगा-
अल सुबह
उठते ही २-३ गिलास पानी पीना चाहिए| इसके बाद शौच,दन्त सफाई,आसान और
प्राणायाम नियमित रूप से करें| अब रात को पानी भिगोये हुए ११ बादाम को
छिलके उतारकर पीसकर एक गिलास दूध के साथ पीएं| इसके नियमित प्रयोग से
शारीरिक तंदुरुस्ती मिलती है और आंतरिक उष्मा शांत होती है| गर्मी के
मौसम में तले भुने,गरिष्ठ और ज्यादा मसालेदार पदार्थों की बजाय फल फ्रूट
,हरी सब्जियों के सलाद और जूस का ज्यादा इस्तेमाल करना बेहद फायदेमंद
रहता है| इससे गर्मी की वजह से पसीना होने से होने वाली पानी कमी का
पुनर्भरण भी होता रहता है|
ग्रीष्म ऋतू में बाजारू चीजें खाने
से बचने की सलाह दी जाती है| इस मौसम में शारीरिक कमजोरी
,अपच,दाद,पेचिश,सीने में जलन.खूनी बवासीर ,मुहं की बदबू आदि रोगों से बचने
का सरल उपचार भी लिख देता हूँ| खाली पेट,नींबू का रस आंवले का रस और
हरे धनिये का रस मिश्री मिलाकर पीने से कई रोगों से बचाव हो सकता है|
दोपहर और सांयकालीन भोजन में चावल के साथ अरहर,मूंग,उडद की दाल और हरी
पत्तीदार सब्जियों का समावेश करें| छाछ व् दही का सेवन करना हितकारी
है| रात का भोजन ना करें तो ज्यादा अच्छा|
गर्मी में घर से
बाहर निकलने के पाहिले २ गिलास पानी जरूर पी लेना चाहिए|
टमाटर,तरबूज,खरबूज,खीरा ककड़ी,गन्ने का रस और प्याज का उपयोग करते रहना
चाहिए| इन चीजों से पेट की सफाई होती है और अंदरूनी गर्मी शांत होती है|
गर्मी दूर भगाने के कारगर तरीके-
१) नींबू पानी- यह गर्मी के मौसन का देसी टानिक है| शरीर में विटामिन
सी की मात्रा कम हो जाने पर एनीमिया,जोड़ों का दर्द,दांतों के रोग,पायरिया
और दमा जैसी दिक्कते हो सकती हैं| नींबू में भरपूर विटामिन सी होता है|
अत; इन बीमारियों से दूरी बनाए रखने में यह उपाय सफल रहता है| पेट में
खराबी होना,कब्ज,दस्त होना में नींबू के रस में थौड़ी सी हींग,काली
मिर्च,अजवाइन ,नमक ,जीरा मिलाकर पीने से काफी राहत मिलती है|
२) तरबूज का रस- तरबूज के रस से एसीडीटी का निवारण होता है| यह दिल के रोगों डायबीटीज व् केंसर रोग से शरीर की रक्षा करता है|
३) पुदीने का शरबत- गर्मी में पुदीना बेहद फायदेमंद रहता है| पुदीने को
पीसकर स्वाद अनुसार नमक,चीनी जीरा मिलाएं| इस तरह पुदीने का शरबत बनाकर
पीने से लू.जलन,बुखार ,उल्टी व गैस जैसी समस्याओं में काफी लाभ होता है|
४) ठंडाई- गर्मी में ठंडाई काफी लाभ दायक होती है| इसे बनाने के लिये खस
खस और बादाम रात को भिगो दें|सुबह इन्हें मिक्सर में पीसकर ठन्डे दूध
में मिलाएं| स्वाद अनुसार शकर मिलाकर पीएं| गर्मी से मुक्ति मिलेगी|
५) गन्ने का रस- गर्मी में गन्ने का रस सेहत के लिये बहुत अच्छा होता है|
इसमें विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं| इसे पीने से ताजगी बनी रहती है|
लू नहीं लगती है| बुखार होने पर गन्ने का रस पीने से बुखार जल्दी उतर जाता
है| एसीडीटी की वजह से होने वाली जलन में गन्ने का रस राहत पहुंचाता है|
गन्ने के रस में नीम्बू मिलाकर पीने से पीलिया जल्दी ठीक होता है| गन्ने
के रस में बर्फ मिलाना ठीक नहीं है|
६) छाछ - गर्मी के दिनों में
छाछ का प्रयोग हितकारी है| आयुर्वेद शास्त्र में छाछ के लाभ बताए गए
हैं| भोजन के बाद आधा गिलास छाछ पीने से फायदा होता है| छाछ में
पुदीना ,काला नमक,जीरा मिलाकर पीने से एसीडीटी की समस्या से निजात मिलती
है|
७) खस का शरबत - गर्मी में खस का शरबत बहुत ठंडक देने वाला
होता है| इसके शरबत से दिमाग को ठंडक मिलती है| इसका शरबत बनाने के लिये खस
को धोकर सुखालें| इसके बाद इसे पानी में उबालें| और स्वाद अनुसार
शकर मिलाएं| ठंडा होने पर छानकर बोतल में भर लें|
८) सत्तू - यह
एक प्रकार का व्यंजन है| इसे भुने हुए चने , जोऊं और गेहूं पीसकर बनाया
जाता है| बिहार में यह काफी लोकप्रिय है| सत्तू पेट की गर्मी शांत करता
है| कुछ लोग इसमें शकर मिलाकर तो कुछ लोग नमक और मसाले मिलाकर खाते
हैं|
९) आम पन्ना - कच्चे आम को पानी में उबालकर उसका गूदा निकाल
लें| इसमें शकर,भुना जीरा,धनिया,पुदीना,नमक मिलाकर पीयें| गर्मी की
बीमारियाँ दूर होंगी|
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