हमारे
देश में पान
खाना एक बहुत
ही सामान्य बात
है. खाने के
बाद पान खाना
यहां की परंपरा
में शामिल है.
पान की पत्तियां
कई रंगों में
मिलती हैं. कुछ
गहरे हरे रंग
की होती हैं
और कुछ हल्के
रंग की.
पान
की पत्ती खाने
में थोड़ी कसैली
होती है लेकिन
इसे खाने वाले
इसमें सुपारी, कत्था,
चूना और दूसरी
कई चीजें मिलाकर
खाते हैं. आमतौर
पर लोग इसे
गलत आदत मानते
हैं लेकिन हर
चीज की तरह
इसके भी कुछ
फायदे भी हैं.
पान
खाने वालों की
संख्या तो बहुत
है लेकिन कुछ
ही लोगों को
पता होता है
कि इसे खाने
के कुछ फायदे
भी हैं:
1. पाचन
में सहायक
पान
खाना पाचन क्रिया
के लिए फायदेमंद
है. ये सैलिवरी
ग्लैंड को सक्रिय
करके लार बनाने
का काम करता
है जोकि खाने
को छोटे-छोटे
टुकड़ों में तोड़ने
का काम करता
है. कब्ज की
समस्या से जूझ
रहे लोगों के
लिए भी पान
की पत्ती चबाना
काफी फायदेमंद है.
गैस्ट्रिक अल्सर
को ठीक करने
में भी पान
खाना काफी फायदेमंद
है.
2. मुंह
के स्वास्थ्य के
लिए
पान
के पत्ते में
कई ऐसे तत्व
होते हैं जो
बैक्टीरिया के प्रभाव
को कम करने
में सहायक होते
हैं. जिन लोगों
के मुंह से
दुर्गंध आ रही
हो उनके लिए
पान का सेवन
काफी फायदेमंद होता
है. इसमें इस्तेमाल
होने वाले मसाले
जैसे लौंग, कत्था
और इलायची भी
मुंह को फ्रेश
रखने में सहायक
होते हैं. पान
खाने वालों के
लार में एस्कॉर्बिक
एसिड का स्तर
भी सामान्य बना
रहता है, जिससे
मुंह संबंधी कई
बीमारियां होने का
खतरा कम हो
जाता है.
3. मसूड़ों
में सूजनपर या
गांठ आ जाने
पर
मसूड़े
में गांठ या
फिर सूजन हो
जाने पर पान
का इस्तेमाल काफी
फायदेमंद होता है.
पान में पाए
जाने तत्व इन
उभारों को कम
करने का काम
करते हैं.
4. साधारण
बीमारियों और
चोट लगने पर
अगर
आपको सर्दी हो
रखी है तो
ऐसे में पान
के पत्ते आपके
लिए फायदेमंद रहेंगे.
इसे शहद के
साथ मिलाकर खाने
से फायदा होता
है. साथ ही
पान में मौजूद
एनालजेसिक गुण सिर
दर्द में भी
आराम देता है.
चोट लगने पर
पान का सेवन
घाव को भरने
में मदद करता
है.
5. कामोत्तेजना
बढ़ाने में
पान
के पत्ते कामोत्तेजना
बढ़ाने में भी
सहायक होते हैं.
अंतरंग पलों को
और खुशनुमा बनाने
के लिए आप
पान के पत्तों
को इस्तेमाल कर
सकते हैं.
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