Thursday, 29 October 2015

लहसुन है 150 बीमारियों में कारगर दवा Home Remedies Of Garlic



आधुनिक रिसर्च के अनुसार लहसुन दुनिया में मौत के सबसे बड़े कारण बनने वाले तीन रोगों के उपचार के लिए एक सबसे सस्ता और सुरक्षित उपाय है। इसके औषधीय गुणों को लेब और मल्टीनेशनल फार्मा कंपनियों में काम कर रहे वैज्ञानिक भी नतमस्तक होकर मानने लगे हैं। लहसुन की जरा सी सुगंध घंटो तक हमारी रसोई से लेकर कपड़ों और मुंह तक समायी रहती है। इसी लहसुन की खनक या उपयोगिता की पैरवी करने वाले कम से कम 4245 रिसर्च शोध पत्र भी हैं, जो दुनिया भर के तमाम अंतर्राष्ट्रीय जर्नल्स (शोध पत्रिकाओं) में प्रकाशित हो चुके हैं। इन तमाम शोध पत्रों के अध्ययन से पता चलता है कि लहसुन कम से कम 150 तरह रोगों या लक्षणों जैसे कैंसर से लेकर डायबिटीज और दिल के रोगों, रेडिएशन के साईड इफेक्ट्स आदि के नियंत्रण में कारगर साबित हुआ है।
1. एक कप तिल के तेल में 8 लहसुन की कलियां डालकर गर्म करें और ठंडा होने पर कमर से लेकर जांघों तक इससे मालिश करें। इससे साइटिका में काफी फ़ायदा होता है।

2. आदिवासी अंचलों में इसे गैस और दिल के रोगों के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है। सूखे लहसुन की 15 कलियां 1/2 लीटर दूध और 4 लीटर पानी को एक साथ उबाल लें। इस पानी को इतनी देर उबालें कि पानी आधा रह जाए। इस पाक को जब गैस और दिल के रोग से ग्रसित रोगियों को दिया जाता है तो आराम मिल जाता है।
3. जिन लोगों को जोड़ों का दर्द या आमवात जैसी शिकायतें हो, लहसुन की कच्ची कलियां चबाना उनके लिए बेहद फायदेमंद होता है। बच्चों को यदि पेट में कृमि (कीड़े) होने की शिकायत हो तो लहसुन की कच्ची कलियों का 20-30 बूंद रस एक गिलास दूध में मिलाकर देने से कृमि मर कर शौच के साथ बाहर निकल आते हैं।

4. सरसों के तेल में लहसुन की कलियों को पीसकर उबाला जाए और घावों पर लेप किया जाए तो घाव तुरंत ठीक होना शुरू हो जाते हैं।

5. हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत हो उन्हें रोजाना सुबह लहसुन की कच्ची कली चबाना चाहिए, नमक और लहसुन का सीधा सेवन खून साफ करता है।
6. ब्लड में प्लेटलेट्स की कमी होने पर भी नमक और लहसुन का समान मात्रा में सेवन करना चाहिए।

7. लहसुन के एंटीबैक्टिरियल गुणों को आधुनिक विज्ञान भी मानता है, इसका सेवन बैक्टीरिया जनित रोगों, दस्त, घावों, सर्दी-खांसी और बुखार आदि में बहुत फायदा करता है।

8. लहसुन की 2 कच्ची कलियां सुबह खाली पेट चबाएं। इसके आधे घंटे बाद आधा चम्मच मुलेठी पाउडर का सेवन करें। यह उपाय दो महीने तक लगातार करें। मान्यता है इससे दमा रोग जड़ से खत्म हो जाता है।
9. लौकी 50 ग्राम और लहसुन की कलियां 10 ग्राम लेकर पीस लें और इसे आधे लीटर पानी में उबालें।जब आधा पानी रह जाए तो छानकर कुल्ला करें। इससे दांत दर्द दूर होता है।
10. कान में कीड़ा चला जाने पर डांग- गुजरात के आदिवासी सूरजमुखी के तेल में लहसुन की दो कलियां डालकर गर्म करते है और फ़िर इस तेल की कुछ बूंदें कान में डालते है, इनका मानना है कि इससे कीट बाहर निकल आता है।

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